बस यही अच्छी खबर है कि हम जिंदा है
सन्तोष कुमार वर्मा “कविराज” बस यही अच्छी खबर हैकि हम जिंदा हैजीने की जद्दोजहद हैजिएं चले जायेंगेजिंदगी की अंतिमस्वांस तकलड़ते
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सन्तोष कुमार वर्मा “कविराज” बस यही अच्छी खबर हैकि हम जिंदा हैजीने की जद्दोजहद हैजिएं चले जायेंगेजिंदगी की अंतिमस्वांस तकलड़ते
Read Moreमेरी कलम से… आनन्द कुमार क्यों मौन हो तुम,कुछ भी तो बोलो,क्यों मौन हो तुम,कुछ भी तो बोलो,मां के पैरों
Read More(विनीता दीक्षित पांडेय) खाली-खाली सी ये फिजाएं, हवाएं चीख-चीख कर बोल रही हैंपता नहीं कितनी जिंदगियांखूनी सड़कों पर दौड़ रही
Read More( केदारनाथ ) “साहब! गाड़ी निकालने दीजिये । कितने ही फोन आ चुके हैं । सिलेन्डर खत्म हो रहे हैं
Read More( नितांत निजी दुःख से अभिप्रेत विचार हैं ) ( धीरज सिंह ) क्यों कहते हो,मुल्क बीमार है??तुम्हे मालूम नहीं,अभी
Read More( डॉ अलका अरोडा, देहरादून) यमराज घूम रहे थे मग्न हो स्वर्ग के परिवेश मेंमर कर पहुंचे भारत के सम्मानित
Read More(कृष्णा भिवानीवाला) ” नवरात्र पर्व “ मिटा अज्ञान का अंधेरामेरे अन्तर्मन में ज्ञान का,दीप ! जगमगायानवरात्रि का त्यौहार आयाचारो ओर
Read More■ संविधान के रचयिता, बाबा साहब अम्बेडकर (डॉ मीना कुमारी परिहार) आओ सुनाएं बाबा साहब की अमर कहानीचौदह अप्रैल को
Read More(चैत्र शुक्ला प्रतिपदा,संवत2078= नव वर्ष मंगलमय हो) हमारी प्रार्थनाओं से , सुखी संसार हो जाए।प्रभु ऐसी कृपा करना,कि बेड़ा पार
Read More(अलका जैन इंदौर मध्यप्रदेश)देख बाई तेरे अलावा ना कोई आया न गया। तूने ही गहने चुराए हैं। देख गलती सब
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