उत्तर प्रदेश

घोसी में मोदी के कटप्पा का सपा को समर्थन, राजनैतिक भविष्य दांव पर

@आनन्द कुमार…

मऊ। कभी सुभासपा मुखिया ओमप्रकाश राजभर के करीबी रहे और उनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर पार्टी को मज़बूत बनाने व साथ निभाने की क़समें खाने वाले व 2017 में सुभासपा व भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी रहे महेंद्र राजभर इस समय ओपी राजभर से किनारा कसकर एक नई राजनैतिक दल सुहलदेव स्वाभिमान पार्टी बनाकर उनसे राजनैतिक दो-दो हाथ करने के पूरे मूड में। यह तल्खियाँ उस समय और बढ़ गई जब उनकी नई नवेली पार्टी के पहले और इकलौते प्रत्याशी अरविंद राजभर का घोसी उपचुनाव से पर्चा ख़ारिज हो गया ।
पूर्व विधायक माफिया मुख़्तार अंसारी के ख़िलाफ़ 2017 में मऊ सदर से सुभासपा व भाजपा गठबंधन से चुनाव लड़ चुके महेंद्र राजभर के समर्थन में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मऊ में चुनावी रैली को संबोधित करने आए थे, तो उन्होंने महेन्द्र राजभर को कटप्पा कह कर संबोधित किया था। पीएम मोदी ने फ़िल्म बाहुबली के कटप्पा के इस उपाधि से महेंद्र राजभर का क़द काफ़ी बढ़ गया था। लोग उन्हें कटप्पा कहने लगे। मोदी का वही कटप्पा मोदी के प्रत्याशी से राजनीति के मैदान में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को सुहलदेव स्वाभिमान पार्टी का समर्थन देकर पटखनी देने का जाल बिछा रहा है। वे एक तीर से कई निशाने साध रहा है।

प्रधानमंत्री का स्वागत करते कटप्पा महेंद्र राजभर और दारा सिंह चौहान के साथ अन्य (फ़ाइल फ़ोटो)

सोमवार को बाहुबली का कटप्पा ने अपने पार्टी के प्रमुख महासचिव डा. बलिराम राजभर, राष्ट्रीय महासचिव मनोज राजभर, ज़िलाध्यक्ष रामजीत राजभर व रमेश सिंह आदि नेताओं के साथ सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह के कार्यालय पर प्रेस वार्ता कराकर एक ऐसी चाल चल दी है कि इसमें सपा का फ़ायदा तो निहित है।

कटप्पा और ओपी राजभर के जंग में पीस रहे दारा…

मोदी के कटप्पा महेंद्र राजभर का अपने पुराने लीडर सुभासपा मुखिया ओमप्रकाश राजभर से राजनैतिक पकड़ व वर्चस्व की लड़ाई इतनी धार-धार होती रही है कि इन दोनों के बीच भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान गेंहू में घुन की तरह पीस रहे हैं । वैसे तो सुभासपा मुखिया ओमप्रकाश राजभर दारा सिंह चौहान को विजयी बनाने की पूरी ताक़त के साथ मैदान में हैं लेकिन जंग ए राजनीति का रिज़ल्ट क्या है कोई नहीं जानता।

कटप्पा का राजनैतिक भविष्य दांव पर…

अपने नवगठित पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने के बाद कटप्पा महेंद्र राजभर ने भले ही सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को समर्थन दे दिया, लेकिन सुधाकर की जीत हार के साथ ही महेंद्र राजभर की राजनैतिक पार्टी सुहलदेव स्वाभिमान पार्टी का भविष्य भी दांव पर लगा है। क्योंकि यह कटप्पा के पार्टी की पहली राजनैतिक इन्ट्री है और उन्हें राजनीति की चौधराहट में प्रवेश मिलता है या नहीं यह देखना होगा !क्योंकि अगर महेंद्र राजभर एंड टीम को सफलता मिली तो सपा के साथ भविष्य की राजनीति की एक उम्मीद जगेगी और अगर उम्मीद टूटती है तो ओमप्रकाश राजभर की ताक़त का अंदाज़ा लगाना मुश्किल होगा।

मोदी की रैली में मंच पर कटप्पा के साथ दारा भी थे मौजूद…

2017 की रैली में सुभासपा व भाजपा प्रत्याशी महेंद्र राजभर के समर्थन में जब प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से मऊ सदर के प्रत्याशी महेंद्र राजभर को कटप्पा कहकर संबोधित किया तो पूरा पांडाल तालियों की गूंज व ज़िंदाबाद के नारों से गुंजायमान हो गया। उस समय मंच पर मंच पर दारा सिंह चौहान भी मंच पर बतौर मधुबन विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के रूप में मंच पर मौजूद थे। इतना ही नहीं दारा सिंह चौहान ने मऊ सदर से लिए महेंद्र राजभर के लिए और महेंद्र राजभर ने मधुबन में दारा सिंह चौहान के लिए अपनी राजनैतिक पकड़ का प्रयोग भी किया था। आज वही महेंद्र राजभर दारा के वोट का कटप्पा बने हुए हैं।

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