अपना जिलाचर्चा में

माया और अखिलेश को स्पष्ट करना होगा, अतुल राय को वोट देने के मायने

■ अतुल की फरारी पर माया व अखिलेश के भाषण के पर तय होगी घोसी की राजनीति

(आनन्द कुमार)

घोसी लोकसभा के सीट बहुजन समाज पार्टी को गठबंधन में मिला, इस सीट पर पार्टी ने गाजीपुर जनपद से अपने युवा चेहरा अतुल कुमार सिंह अतुल राय को बतौर प्रत्याशी उतारा। पहले प्रभारी फिर प्रत्याशी के बाद अतुल राय बसपा और अपने लिए घोसी में जी-तोड़ मेहनत कर वोट मांग रहे थे, लेकिन अचानक अतुल राय के राजनैतिक कैरियर में एक तूफान आता है। एक युवती अपने साथ घटित एक पुराने  मामले को लेकर सोशल मीडिया पर आती है उसके बाद से शुरू हो जाती है अतुल राय की उलटी गिनती, दोनों द्वारा एक दुसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ तो थमने का नाम नहीं लिया। मामला सोशल मीडिया से लेकर थाना, थाने से न्यायालय और न्यायालय में भी अब उच्चतम न्यायालय में है। इसके अलावा मायावती ने भी अतुल राय के पक्ष में ट्विट कर भाजपा को निशाने पर ले चुकी है।
थोड़ी देर में घोसी संसदीय क्षेत्र में अतुल राय के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सभा के अध्यक्ष अखिलेश यादव व रालोद के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह संयुक्त सभा करने वाले हैं। आज होने वाली सभा में गठबंधन दल के नेता अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट तो मांगेंगे लेकिन क्या अतुल राय मंच पर रहेंगे या नहीं सवाल बना हुआ है। फरार चल रहे अतुल राय को लेकर मीडिया पर तरह-तरह का चर्चा जारी है, मलेशिया से लेकर विदेश भागने तक अफवाह जारी है। लेकिन हर अफवाह के पीछे अतुल राय न्याय के लिए न्यायालय का सबसे बड़ा दरवाजा तक खटखटा चुके हैं। वहां फैसले की 17 मई 2019 की तारीख नियत है। वे सीबीआई तक जांच की मांग कर रहे हैं ।
मतदान की तारीख 19 मई मतगणना की तारीख 23 मई नियत है। थोड़ी देर में मायावती अखिलेश व अजीत सिंह का उड़न खटोला मऊ में उतरने वाला है। ऐसे में बसपा के मंच पर जिस प्रत्याशी के लिए वे वोट मांगने आ रहे हैं, क्या वह मंच पर मौजूद होंगे या नहीं यह बहुत बड़ा यक्ष प्रश्न बना हुआ है। ऐसे में पुलिस एवं पुलिस के गुप्तचर भी अतुल राय को खोज रहे हैं। मामला छेड़खानी का वाराणसी के लंका थाने में दर्ज है ऐसे में अपने प्रत्याशी के लिए पहले ही ट्वीट कर चुकी बसपा सुप्रीमो मायावती का भाषण अतुल राय के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि मायावती के एक एक भाषण में अतुल राय की उम्मीदवारी से लेकर 23 मई को आने वाले परिणाम निहित है। इसके अलावा मायावती के जाने के बाद जब 16 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मऊ के सर जमी पर होगे तो उनके भाषण के भी मतलब भाजपा और बसपा दोनों प्रत्याशी के लिए निगेटिव व पाजिटिव मायने रखेंगे। अब देखना होगा कि आज गठबंधन के रैली में अतुल राय के पक्ष में बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव व रालोद के सुप्रीमो अजीत सिंह क्या-क्या कसीदें पढ़ कर जाते हैं। विपक्ष और जनता द्वारा लगातार उठाए जा रहे हैं प्रश्न की बसपा का प्रत्याशी फरार है के पक्ष में क्या जवाब देते हैं काफी मायने रखता है। जबकि भाजपा की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मऊ की सभा में अतुल राय की फरारी पर और उनकी उम्मीदवारी पर सवाल उठा चुकी है। भाजपा के लोग जनता के बीच प्रत्याशी के बारे में बता बता कर अपने लिए वोट मांग रहे हैं। इसके अलावा अन्य दल के लोग भी इस मामले को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि सपा बसपा के पदाधिकारी कार्यकर्ता अतुल राय को घोसी से विजयश्री दिलाने के लिए जी जान से लगे हुए हैं। ऐसे में मायावती और अखिलेश यादव का भाषण अतुल राय के लिए काफी मायने रखता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *