अशोक कुमार यादव को मिला चंद्र शिरोमणि सम्मान 2021

करवा चौथ के पावन अवसर पर काव्य हिंदुस्तान अंतर्राष्ट्रीय साहित्य समूह मुजफ्फरपुर बिहार के संस्थापिका एवं संयोजिका रेखा शर्मा ‘स्नेहा’ के द्वारा दिनांक 23 अक्टूबर 2021 को करवा चौथ के संबंध में ऑनलाइन काव्य पाठ का आयोजन किया गया। इस काव्य पाठ में कवि अशोक कुमार यादव, सहायक शिक्षक (प्रभारी प्रधान पाठक) डॉक्टर भीमराव अंबेडकर वार्ड जिला मुंगेली छत्तीसगढ़ के द्वारा ‘सुहाग की रक्षार्थ’ स्वरचित काव्य का पाठ किया गया। इस कविता को अपनी पत्नी श्रीमती संगीता यादव को समर्पित किया। इस काव्य पाठ हेतु इन्हें ‘चंद्र शिरोमणि सम्मान 2021’ से सम्मानित किया गया।

कविता का शीर्षक- सुहाग की रक्षार्थ

मेरे वल्लभ,मेरे सखा,मेरे परमेश, मेरे सातो जनम के साथी।
तुमसे ही मैं आजीवन सुहागिन, सदा संग रहना जीवन वीथी।।
बेरंग प्राण में सौंदर्य रंग भरे हो, श्रृंगार मेरा है सप्त इंद्रधनुषी।
मेरी सोलह अंग दिव्य चमक उठी, कुंदन जड़ित है आयुषी।।
चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी दिवस, सधवा नारी रहती उपवास।
भालचंद्र गणेश जी की अर्चना, वल्लभ दीर्घायु का विश्वास।।
अखंड सौभाग्य की प्राप्ति हो, व्रत करती सुहाग की रक्षार्थ।
सूर्योदय से हूं मैं निराहार, अनुग्रह कर करो मुझे पर कृतार्थ।।
हाथों में रचाऊंगी नूपुर मेहंदी, मेरे प्रियवर साजन के नाम से।
शरीर में धारण करूंगी वसन, अंगों में प्रभा आभा कोहिनूर के।।
कामना करते बीत जाएगा दिन, सोमोदय की करूंगी इंतजार।
पूजा कर कथा श्रवण करूंगी, बैठी रहूंगी सज धज कर तैयार।।
प्राणेश दिवस है करक चतुर्थी, चांद को अर्ध दे करते दर्शन।
देखकर दीप छलनी से मुख, कमल पग छूकर लिए शुभवचन।।
उठाकर लोटा को प्राणाधार, मुझे पिलाएगा जीवन अमृत नीर।
मुंह मीठा कराएगा मिष्ठान से, मेरी आत्मा तृप्त होगी अधीर।।
छू लूंगी आर्यपुत्र की चरण, मांग लूंगी आशीष अद्भुत वरदान।
कामना करूंगी सृष्टिकर्ता से, सुखमय जीवन,आरोग्य, आयुष्मान।।
जन्मोंजन्म तक अमर रहे सुहाग, सर्वस सिद्ध प्रदायिनी अनाहार।
प्रेम की वर्षा करोगे मेरे स्वामी, शिव,गणेश,और सोम है
उदार।।

मेरी प्रिय अर्धांगिनी श्रीमती संगीता यादव को समर्पित।

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