अखिलेश का छोटा पहलवान घोसी के अखाड़े में दे रहा बड़े-बड़े पहलवानों को खुली चुनौती
@आनन्द कुमार…
मऊ। घोसी की राजनीति अपने राजनैतिक इतिहास के प्रचार-प्रसार के सबसे प्रचंड दौर में है। भले ही यहां के नेता कभी दिल्ली व लखनऊ की राजनीति में सीधा दखल रखते थे, लेकिन वर्तमान में लखनऊ और दिल्ली के नेताओं का घोसी की धरती पर जमघट लगा हुआ है।
ऐसे में एक बारह वर्ष के बच्चे की तोतली जुबान, घोसी की राजनीति में ऐसा तड़का लगा रहा है कि घोसी में कदमताल कर रहे सत्ता व विपक्ष के बड़े-बड़े सूरमाओं से ज्यादा टीआरपी उसे मिल रही है और उसकी बातों को लोग खूब सुन रहे और वीडियो को वायरल कर रहे हैं।
12 वर्ष का नवरत्न यादव अपने को सच्चा समाजवादी बता रहा है। वे महराजगंज जिले के मदनी फुलवरिया, फरेंदा क्षेत्र का रहने वाला है। वे चर्चा में तब आया जब सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की निधन का खबर सुना और उनके अंतिम दर्शन को चल दिया। वे रास्ते में पकड़ा गया खबर अखिलेश यादव को लगी, और फिर सैफेई पंहुचा।
घोसी उपचुनाव के महासमर में वे सिर पर अखिलेश यादव की फोटो लगी टोपी और गले में गमछा लटकाकर घोसी उपचुनाव में सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह के लिए जमकर प्रचार कर रहा है। नवरत्न जनसभा को सम्बोधित कर रहा है, चौपाल कर रहा, सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह के लिए वोट मांग रहा, दारा सिंह चौहान द्वारा सपा को दिया गया धोखा, जनता बता रहा और ओपी राजभर के बयानबाजी पर जमकर कटाक्ष कर रहा है। नवरत्न बिल्कुल लालू यादव व मुलायम सिंह यादव की तरह सधे आवाज में सपा का प्रचार कर रहा अखिलेश यादव को भईया व शिवपाल यादव को चाचा कह कर सम्बोधित कर रहा और सुधाकर सिंह को अपना बाबा बताकर वोट मांग रहा है।
सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर से वे सीधा राजनैतिक प्रतिस्पर्धा साध रहा है। नवरत्न कहता है कि ओपी राजभर हमेशा उल्टा सीधा बोलते हैं, उनका दिमाग काम नहीं कर रहा है। वे बार बार श्री राजभर के द्वारा पूर्व में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी पर किए गए अभद्र टिप्पणी को जनता को याद दिलाता है और उनके हर बयानबाजी का अपने स्तर पर जवाब दे रहा है। वे ओपी राजभर को अपनी हर बात में अपने विरोधी शब्दों का शिकार बना रहा है। मीडिया से बात करते हुए ओमप्रकाश राजभर को खुला चैलेंज दे रहा कि उनके में दम हो तो बाजी लगा लें, उनका प्रत्याशी हारेगा और वे जनता के आशीर्वाद से सुधाकर बाबा को जीता कर दम लेगा।
वे सपा मुखिया अखिलेश यादव को भईया कहता है। समाजवादी पार्टी के लिए जीने मरने की बात करता है। और कहता है कि भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान दल बदलू हैं उन्होंने हमारे भईया को धोखा दिया है। कहा कि अखिलेश भईया ने दारा सिंह चौहान को इतना सम्मान दिया, सुधाकर का टिकट काटकर उनको टिकट दिया लेकिन वे धोखा दिया। नवरत्न ने दो टूक में कहा कि घोसी की जनता दारा को इसका जवाब सुधाकर सिंह को जीता कर देगी।
पढ़ाई की बात पर नवरत्न कहता है कि पढ़ाई भी होगा और प्रचार भी होगा। पढ़ने लिखने की उम्र में नवरत्न का राजनीति में प्रवेश उचित है या अनुचित यह तो विचारणीय प्रश्न है! लेकिन घोसी की सियासत में और दारा-सुधाकर के राजनैतिक प्रतिस्पर्धा में नवरत्न यादव को लोग ओमप्रकाश राजभर उल-जुलूल बयानबाजी का माकूल जवाब देने वाला शख्स आ गया कहते सुने जा रहे हैं। लोग कहते सुने गए कि राजनीति के बिगड़ते स्वरूप का नवरत्न ईंट का जवाब पत्थर है। बल्कि आपको बता दें कि ऐसा नहीं है नवरत्न को भी बोलते बोलते बहकते सुना गया है। अगर आज यह 12 वर्ष की उम्र में ऐसा बोल रहा है तो आने वाले समय में इसके भाषण का स्वरूप क्या होगा यह आसानी से सोचा जा सकता है।
खैर घोसी की सियासत में नवरत्न यादव भाजपा व केन्द्रीय मंत्री, प्रदेश के मंत्री, विधायक व सहयोगी दल के नेताओं और समाजवादी पार्टी के नेताओं से कहीं ज्यादा टीआरपी में आगे है। घोसी में मीडिया के लोग नवरत्न व ओमप्रकाश क्षेत्र में किस ओर हैं यह पता करते ही सुने जा रहे हैं। ऐसे में सपा मुखिया अखिलेश यादव का छोटा पहलवान नवरत्न यादव घोसी उपचुनाव के अखाड़े में दे रहा है बड़े-बड़े पहलवानों को खुली चुनौती! और यूट्युबर व पत्रकार घोसी में नवरत्न के बहाने अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए आने से रोक नहीं पा रहे हैं।

