लहू देकर वतन की आबरू जिसने बचाई है, उन्हीं वीरों की गाथाएं फिजाओं ने सुनाई हैं ..
“देवकली देवलास: एक अद्भुत धार्मिक स्थल” फेसबुक पेज पर शनिवार, दिनांक 03/10/2020 को कविता पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम के लिए दिल्ली की सुप्रसिद्ध कवयित्री मनीषा सक्सेना को आमंत्रित किया गया था । कार्यक्रम के प्रारम्भ में पेज के एडमिन और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, प्रयागराज में राजभाषा अधिकारी तथा हिंदी व भोजपुरी के सुप्रसिद्ध कवि देवकान्त पाण्डेय ने मनीषा सक्सेना का परिचय कराते हुए उनका स्वागत किया। आमंत्रित कवयित्री ने विभिन्न विषयों पर कविता प्रस्तुत कर खूब वाह वाही बटोरी और साथ ही बेटियों की स्थिति को लेकर सारगर्भित बातें की और उनके सम्मान में कई कविताएं पढ़ीं। “इस दुनिया ने असंभव को भी संभव कर दिखाया है, मगर मुमकिन नहीं है अब कि कोई राम हो जाए ” पंक्तियों से उन्होंने अपने काव्यपाठ की शुरुआत की । इसके बाद उन्होंने “हर कदम छा रहीं देश की बेटियां, शिक्षा भी पा रहीं देश की बेटियाँ, दो कुलों का बढ़ाकर ये सम्मान अब, चाँद पर जा रहीं देश की बेटियां” सुनाया जिसकी दर्शकों ने अपने कमेन्ट के माध्यम से बहुत सराहना की । कार्यक्रम के दौरान उन्होंने श्रृंगार रस व वीर रस की एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाई।
हाथरस घटना की घोर निंदा करते हुए और घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए पढ़ी गई उनकी इस कविता ‘मेरी अस्मत एक दरिंदा लूट गया, साँसों से फिर मेरा रिश्ता टूट गया, बाद मेरे मरने के मेरा ही कातिल, नेताओं की सह से लेकिन छूट गया’ को दर्शकों ने खूब सराहा। उनकी श्रृंगार की इन पंक्तियों ‘इश्क़ तुमको तमाम हो जाए, मेरी यादों में शाम हो जाए, काश चाहे मुझे तू मेरी तरह, तो मनीषा गुलाम हो जाए’ तथा देशभक्ति की इन पंक्तियों “लहू देकर वतन की आबरू जिसने बचाई है, उन्हीं वीरों की गाथाएं फिजाओं ने सुनाई है” को भी दर्शकों का बहुत सम्मान मिला । उन्होंने कोरोना योद्धाओं के सम्मान में हरियाणवी भाषा में भी काव्यपाठ किया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा । साथ ही उन्होंने देवकली देवलास जैसे पवित्र धार्मिक स्थल के विकास के बारे में भी चर्चा की । पेज के एडमिन देवकान्त पाण्डेय ने मऊ और आसपास के जिलों के लोगों से अपील की कि लोग “देवकली देवलास: एक अद्भुत धार्मिक स्थल’ नामक इस फेसबुक पेज से जुड़ें और इस पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का आनंद लें व ग्रामीण क्षेत्रों की कला व शिक्षा के फील्ड की प्रतिभाओं को इस मंच तक पहुंचाएं ताकि उन्हें आगे बढ़ाने में उनका मार्गदर्शन व सहयोग किया जा सके ।


