बाबा सरजू दास मध्यदेशीय वैश्य अनाथाश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया
मऊ। गुरू शब्द में गु का अर्थ गुफा अर्थात अंधकार से रू अर्थ रोशनी अर्थात जो अंधकार से प्रकाश के तरफ ले जाए वही गुरु है मनुष्य के जीवन में पहला गुरु मां होती है। उक्त विचार है मध्यदेशीय समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा सीपी गुप्ता के हैं वे मऊ जनपद के खुरहट करजौली स्थित बाबा सरजू दास मध्यदेशीय वैश्य अनाथाश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उक्त विचार व्यक्त कर रहे थे। डा गुप्त ने कहा कि भारत के तीन धरोहरों में करजौली आश्रम का स्थान सर्वोपरि है। हम इस तपोभूमि पर नतमस्तक होकर गौरवान्वित होते हैं।
इस अवसर पर वैश्य समाज के राष्ट्रीय महामंत्री गण बसंत गुप्ता व प्रफुल्ल कुमार एडवोकेट ने संबोधित करते हुए कहा कि बाबा सरजू दास की तपोस्थली को हरा भरा करने का संकल्प हम सभी को लेना चाहिए। इस अवसर पर प्रातः काल से ही जनपद के अतिरिक्त गाजीपुर, बलिया, देवरिया, महाराजगंज, आजमगढ़ से भक्तो का रेला दर्शन के लिए लग गया। यज्ञ हवन के पश्चात कार्यक्रम का शुरुआत बाबा के चित्र पर अतिथियों द्वारा पुष्पर्चन से हुआ। इस अवसर पर आश्रम अध्यक्ष अनूप चंद गुप्त ने सभी अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया। कार्यक्रम को उमेश चंद पारस नाथ गुप्त रामदास गुप्त कुबेर गुप्त डा रामगोपाल गुप्त आदि दर्जनों लोगों ने संबोधित कर गुरु पूर्णिमा का शुभकामनाएं दिया। अंत में सभी लोगो ने गुरु के नाम पर एक एक पौधा लगाने का संकल्प लिया ।इस अवसर पर मुख्य रूप से राधेकांत गुप्ता विजय कुमार डा रामगोपाल गुप्त गिरीश चंद गुप्त अभिसेक मद्धेशिया प्रिंस गुप्त रवि गुप्त उमेश गुप्त बैजनाथ गुप्त वेद प्रकाश गुप्त गौरव मद्धेशिया सुधीर गुप्ता धर्म देव मद्धेशिया समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।इस अवसर पर शिविर लगा कर मुफ्त दवा वितरण किया गया।




