मऊ के डा. फणीन्द्र की स्टार्टअप कंपनी नेशनल अवार्ड के लिए चयनित
० कोरोना काल के बाद 2021 स्थापित कंपनी को मिली राष्ट्रीय पहचान
० भारत सरकार ने युवा वैज्ञानिक की कंपनी को दिया जबर्दस्त समर्थन
० भारत सरकार ने युवा वैज्ञानिक की कंपनी को दिया जबर्दस्त समर्थन
मऊ। बीएचयू के मैटेरियल साइंस व नैनो टेक्नोलाजी के युवा वैज्ञानिक व मूल रूप से मऊ जिले के परदहा विकासखंड के इमिलियाडीह गांव निवासी डा.फणीन्द्र पति पांडेय की स्टार्टअप कंपनी साइटेक्जी रिसर्च एंड टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड को देश के प्रतिष्ठित चौथे ऐनुअल टेक इंडिया ट्रांसफार्मेशन अवार्ड-2024 के लिए चयनित किया गया है। इससे जिले भर के उद्यमियों एवं प्रतिभाओं में खुशी की लहर है। एमएसएमई, इंडिया बिजनेस अवार्ड एवं टेक इंडिया ट्रांसफार्मेशन अवार्ड की ओर से संयुक्त रूप से चयनित साइटेक्जी कंपनी के प्रबंध निदेशक डा.फणीन्द्र को यह अवार्ड दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में 29 जून को दिया जाएगा।
बीएचयू के फिजीक्स विभाग के प्रोफेसर डा.श्री सिंह के रिसर्च स्कालर रहे डा.फणीन्द्र ने देशी-विदेशी कंपनियों के लाखों के पैकेज को ठुकरा कर दिसंबर 2021 में अपनी कंपनी बनाई। कंपनी की शोध एवं विकास यूनिट बायोनेस्ट इन्क्यूबेशन सेंटर बीएचयू में है तथा ग्रेटर नोएडा में उत्पादन यूनिट है। भारत सरकार से प्रमाणित स्टार्टअप कंपनी साइटेक्जी रिसर्च नैनो तकनीक पर आधारित है। कंपनी में अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता का सिल्वर नैनोपेस्ट, सिल्वर नैनो पार्टिकल व हाइड्रोजेल आदि तैयार किया जाता है। कंपनी के उत्पाद सोलर पैनल व चिकित्सा उपकरणों में प्रयोग होते हैं। वर्तमान में भारतीय कंपनियां लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का सिल्वर नैनोपेस्ट व पार्टिकल आयात करती हैं। डा.फणीन्द्र की नैनो सिल्वर पेस्ट बनाने की अपनी रिसर्च और तकनीक है, जिसका पेटेंट भी उन्हीं के नाम है। डा.फणीन्द्र के स्टार्टअप को भारत सरकार की ओर से जबर्दस्त समर्थन दिया गया है। जागरण से खास बातचीत में डा.फणीन्द्र ने कहा कि कंपनी भारत पर 40 हजार करोड़ रुपये के नैनो सिल्वरपेस्ट व पार्टिकल के आयात के दबाव को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। डा.फणींद्र के पिता डा.प्रवीण पति पांडेय आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज आजमगढ़ में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं माता रीता त्रिपाठी कंपोजिट विद्यालय मुहम्मदाबाद गोहना में सहायक अध्यापिका हैं। डा.फणीन्द्र की सफलता से जिले के इमिलियाडीह एवं कोपागंज के हिकमा गांव स्थित उनके ननिहाल में खुशी की लहर है।
बीएचयू के फिजीक्स विभाग के प्रोफेसर डा.श्री सिंह के रिसर्च स्कालर रहे डा.फणीन्द्र ने देशी-विदेशी कंपनियों के लाखों के पैकेज को ठुकरा कर दिसंबर 2021 में अपनी कंपनी बनाई। कंपनी की शोध एवं विकास यूनिट बायोनेस्ट इन्क्यूबेशन सेंटर बीएचयू में है तथा ग्रेटर नोएडा में उत्पादन यूनिट है। भारत सरकार से प्रमाणित स्टार्टअप कंपनी साइटेक्जी रिसर्च नैनो तकनीक पर आधारित है। कंपनी में अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता का सिल्वर नैनोपेस्ट, सिल्वर नैनो पार्टिकल व हाइड्रोजेल आदि तैयार किया जाता है। कंपनी के उत्पाद सोलर पैनल व चिकित्सा उपकरणों में प्रयोग होते हैं। वर्तमान में भारतीय कंपनियां लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का सिल्वर नैनोपेस्ट व पार्टिकल आयात करती हैं। डा.फणीन्द्र की नैनो सिल्वर पेस्ट बनाने की अपनी रिसर्च और तकनीक है, जिसका पेटेंट भी उन्हीं के नाम है। डा.फणीन्द्र के स्टार्टअप को भारत सरकार की ओर से जबर्दस्त समर्थन दिया गया है। जागरण से खास बातचीत में डा.फणीन्द्र ने कहा कि कंपनी भारत पर 40 हजार करोड़ रुपये के नैनो सिल्वरपेस्ट व पार्टिकल के आयात के दबाव को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। डा.फणींद्र के पिता डा.प्रवीण पति पांडेय आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज आजमगढ़ में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं माता रीता त्रिपाठी कंपोजिट विद्यालय मुहम्मदाबाद गोहना में सहायक अध्यापिका हैं। डा.फणीन्द्र की सफलता से जिले के इमिलियाडीह एवं कोपागंज के हिकमा गांव स्थित उनके ननिहाल में खुशी की लहर है।




