4 साल बीत जाने के बाद भी मोदी सरकार ने जनता से किया एक भी वायदा पूरा नही किया : शमीम फैजी
मऊ। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के 23 वें राज्य सम्मेलन की शुरूवात मऊनाथ भंजन नगर के स्थानीय सोनी धापा मैदान में शुक्रवार को एक आम सभा से हुई। सभा की अध्यक्षता भाकपा जिला सचिव का0 विनोद राय ने की। सभा का संचालन इतिहासकार ए0के0 मिश्रा ने किया।
सभा में मुख्य अतिथि एवं भाकपा के राष्ट्रीय सचिव का0 शमीम फैजी ने कहा कि मौजूदा केन्द्र की मोदी सरकार को काम करते 4 साल बीत गये, लेकिन इस सरकार ने जनता से किया एक भी वायदा पूरा नही किया। कर्ज में डूबे किसान आत्महत्यायें कर रहें हैं। नौजवान रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, मजदूरों से उनके हक छीने जा रहें है। आम लोग प्रधानमंत्री के शासनकाल में डेढ़ सौ से अधिक बड़े घोटाले सामने आ चुके है। सरकार के चहेते धन कुबेर बैंको से उधार लेकर विदेशों को भाग रहे हैं और देश का चौकदार सोया हुआ है।
का0 शमीम फैजी ने कहा इस देश के सरकार ने सोच रखा है कि जज्बाती बातें करते रहों। मंदिर मस्जिद के विवाद को हवा देते रहों, गाय के नाम पर लितों, अल्पसंख्यको की हत्यायें कराते रहो, तीन तलाक और लव जेहाद के नाम पर लोगों को उलझाते रहों और जनता को बेवकूफ बनाते रहो। पर अब जनता इनकी हकीकत जान गई है। हाल ही में हुए य0पी0, बिहार, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश आदि के चुनावों में जनता ने इन्हें भारी शिकस्त देकर 2019 में इनकी विदाई का संकेत दे दिया। उन्होनें कहा कि भाकपा सभी वाम दलों को लेकर जनवादी और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करने में जुटी है। धर्म निरपेक्ष लोकतात्रिक और वामपंक्षी शक्तियों के संयुक्त संघर्षो के बल पर इस जनविरोधी, कारपोरेटरी, साप्रदायिक और फासिस्टी सरकार को हटाया जायेगा।
मुख्य वक्ता और भाकपा के राष्ट्रीय सचिव का0 अतुल कुमार अंजान ने कहा कि किसानों से आमदनी दो गुना करने का वायदा करने वाली सरकार के शासनकाल में किसानों को अपने उत्पादों को कौड़ी कीमत पर बेचना पड़ रहा है। वे आलू-प्याज आदि को सड़कों पर फेंकने को मजबूर हुए। वे फर्जी कर्जे में डूबें है और आत्म हत्याये कर रहें हैं। उन्हें कर्जूफी में धोखा मिल रहा है और बजट में घोर उपेक्षा।
का0 अतुल ने कहा कि नोटबन्दी और जीएसटी ने उद्योग व्यापार चौपट कर दिया। बेरोजगार बढ़ी कालाधन बाहर आया नही, आतंकवाद रूका नही। सीमा पर सैनिक मारे जा रहें है और सरकार देश भक्तों को देश द्रोही बताने में जुटी है। ऐसी सरकार को अब हटाकर ही दम लेंगे। माकपा और वामपंथ ने इसके लिए कमर कस ली है।
भाकपा के राज्य सचिव डा0 गिरीश ने कहा कि मोदी-योगी के राज्य में उत्तर प्रदेश पूंजी पतियों का चारागाह बनता जा रहा है। उद्योग लगाने के नाम पर धनियों का मेला लखनऊ में लगाया गया जिस पर जनता की गाढ़ी कमाई का सैकड़ों करोड़ रूपया फॅूक डाला। अब किसानों की जमीने हड़प कर पूर्जिपतियों को देने की तैयारी है। बैंको से उन्हें भारी दिलवाई जायेंगी और इसका भार जनता को झेलनी होगी।
योगी सरकार कानून व्यवस्था सुधारने के नाम पर सत्ता में आई थी पर अपराधों की बाढ़ आई हूई है। बलात्कार हत्या, लूट, डकैती सब तेजी से बढ़ रहे है। भाजपा सरकार अपराधियों की पनहगार बन गई है और निर्दोषों को फर्जी मुठभेड़ों में मारा जा रहा है। अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित खास निशाने पर है। योगी राज में आरएसएस और उनके संगठन दंगे करा रहे हैं, गुडागर्दी कर रहे है और इनकी जिम्मेदारी अल्पसंख्यकों पर डाली जा रही है।
प्रदेश सरकार की कर्जमाफी साबित हुई। बनुकरों की समस्याओं का कोई निदान नही किया गया। भर्तिया बन्द है और बेरोजगार नौजवान धक्के खा रहें हैं। थानों, तहसीलों कचहरियों में भारी रिश्वतखोरी जारी है। सामंती शोषण के शिकार लोग प्रतिरोध कर रहे है औरउन्हें जेलों में ठूंसा जा रहा है। भाकपा ने इन सब कारगुजारियों के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा रखा है। सारी वामपंथी पार्टियों को एक जुट किया जा रहा है। हमारे सम्मेलन में कल प्रदेश के सभी वाम दल जुटेगें और साझा रणनीति बनायेगे। 2019 में भारत को भाजपा के कुशासन से मुक्ति दिलाई जायेगी।
भाकपा के राज्य सहसचिव और पूर्व विधायक का0 इम्तियाज अहमद ने कहा कि मऊ और पूर्वाचल का इतिहास संघर्षो का इतिहास है। आज देश और प्रदेश में जो जनविरोधी सरकारे काम रही हैं उनके विरूद्ध संघर्ष का विगुल भाकपा के राज्य सम्मेलन से फुका जायेगा। बुनकारों, असगठित मजदूरों, किसानों के सवालों पर आन्दोलन छेड़ने की रणनीति बनाअर् जायेगी। दलितों अल्पसख्यकों और कमजोरों का दमन अब बर्दाश्त नही किया जायेगा।
राज्य सह सचिव का0 अरविन्द राज स्वरूप ने कहा कि भाजपा और संघ परिवार सविधान पर हमले कर रहे है, ताकि संघी तानाशाही लादी जा सके। जनता का इनसे मोहभंग हो गया है और उनकी विदाई का रास्ता तैयार हो गया है। माकपा के 23 वें राज्य सम्मेलन से निकली आवाज दूर तलक जायेगी।

