मऊ में फागू के चाय की अड़ी, है सुनसान पड़ी
(अखबार का कोना : जनसंदेश)
■ शहर की मशहूर टी स्टाल पर कोरोना की पड़ी मार
■ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहर के मानिंद लोगों को शाम को लगती थी अड़ी
■ मशहूर चाय के लिए तरस रहे जनपदवासी
■ इंसान तो इंसान परिंदे भी नहीं मार रहे पर
(मो.अशरफ)
मऊ। कहतें है कि जब अबे है क्या कुदरत की मार पड़ती है तो अच्छे-अच्छे की हवा निकल जाती हैं और सारे वैज्ञानिक फेल हो जातें हैं। कुछ ऐसी ही मार कूदरत की पड़ी है कि पूरे विश्व में फैली कोरोना वायरस (कोविड-19) से इस समय पूरा देश त्राहि-त्राहि कर रहा है। वहीं इस महामारी से फुटपाथ पर रहने वाले छोटे दुकानदारों पर काफी असर पड़ा है। प्रतिदिन कमाकर अपने परिवार को जीविकोपार्जन करने वाले फुटपाथ दुकानदारों पर आज कोरोना की ऐसी मारी पड़ी है कि अब उन्हें अपने परिवार का जीविकोपार्जन करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में शहर की मशहूर फागू टी स्टाल, जहां सैकड़ो की संख्या में लोग चाये पीने के लिए आते थे, लेकिन कोरोना के खौफ से आज वह स्थान खाली पड़ी हैं, इंसान केे साथ जानवार व परिंदे भी झाकने तक नहीं आ रहे हैं। पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहर के मानिंद लोगों को शाम को लगती थी अड्डी, जो शहर का एक चर्चित प्लेस बन चुका था। स्थिति यह थी कि अगल-बगल के जनपदों के लोग भी मऊ आने पर फागु की चाय पीना एक आदत सी बन चुकी थी। वहीं शहर के तमाम ऐसे लोग जो शाम तक फागू की दुकान पर पहुंचे बिना अपने को अधूरा समझते थे। मऊ का हजरतगंज कहा जाने लगा था यह क्षेत्र जहां चाय के वजह से चाट, चना चबेना व पकौड़ी की दुकानो पर सैकड़ो की भीड़ रोज इकट्ठा होती थी और उनकी जीविका का मुख्य साधन था।
लेकिन आज इस महामारी का ऐसा असर हुआ कि वहां परिंदा भी नहीं दिखता। इसके साथ बाकी शेष जगह पर लोगों की अड्डी जमा हुआ करती थी। स्थिति यह है कि अभी भी पत्रकारों सहित तमाम ऐसे लोग जिन्हें लाक डाउन में भी शहर में निकलने का मौका मिलता है तो बरबस ही उनकी निगाहें फागू की दुकान की तरफ चली जाती है। लेकिन कोरोना की ऐसी मार पड़ी की जनपदवासी फागू की चाय पीने के लिए तरस रहे हैं। जनपद के लोग बड़े ही आस लगाये बैठे थे कि 14 अप्रैल को लाॅकडाउन खत्म होने के बाद फागू की चाय की दुकान लगेगी और चाय की चुस्कियों के साथ विभिन्न मुद्दो पर चर्चा की जायेगी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि पीएम मोदी 21 दिनों का लाॅकडाउन पुनः 3 मई तक बढ़ा देंगे। लाॅकडाउन की अवधि बढ़ने से चाय की चुस्की लेने वालों में मायूसी छा गई। हालांकि जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन पूरी तरह से लाॅकडाउन का सख्ती से पालन करा रही है और मऊ की जनता प्रशासन का सहयोग करते हुए नियमों का पालन कर रही हैं। जरुरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकल रहें।

