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वाह : साइबर पीड़ितों के खाते में पुलिस ने वापस कराया 2 लाख 2 हजार 3 सौ 91 रुपया

मऊ। पुलिस अधीक्षक मऊ के समक्ष प्रस्तुत होकर साइबर पीड़ितों ने विभिन्न प्रकार से हुये आनलाईन फ्राड के सम्बन्ध में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। महोदय के निर्देशानुसार चलाये जा रहे साइबर अपराध पर नियंत्रण के क्रम में साइबर सेल मऊ द्वारा जाँच की गई। यथा 1. अभय नाथ शुक्ला निवासी ताजोपुर जपनद मऊ के आनलाईन फ्राड के शिकायत में यह पाया गया कि फोन पे पर मोबाईल रिचार्ज करने व भ्रम में डालकर मोबाईल एक्सेस लेकर एसबीआई खाते से 10000.00, 10000.0, 36191.00 व 2000.00 चार बार में कुल 58191.00 रूपया आनलाइन फ्राड कर इलेक्ट्रॉनिक फिक्स डिपॉजिट E-FD (इलेक्ट्रॉनिक फिक्स डिपॉजिट) या ETDR / ESTDR (टर्म डिपॉजिट)  बना लिया गया। साइबर सेल मऊ द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए सम्बन्धित बैंक से सम्पर्क कर पीड़ित के बचत खाते में 58191.00/-रूपये वापस कराया गया। 2. म0आ0 सुमन चौधरी पीआरवी मधुबन मऊ के खाते से 144000/- रूपये का फ्राड के क्रम में पाया गया की 44000 रूपये एटीएम से निकासी किया गया और 100000.00/- रूपये का POS से खरीदारी किया गया है जिस पर तत्काल सम्बन्धित बैंक से सम्पर्क कर पीड़ित के बचत खाते में 100000.00/-रूपये वापस कराया गया 3. आदित्य यादव पुत्र प्रमोद यादव निवासी दौराभगवानपुर थाना दोहरीघाट जनपद मऊ को अज्ञात द्वारा भ्रम में डालकर डेबिट कार्ड से 24200 रूपया आनलाइन फ्राड कर लिया गया जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुये पीड़ित के बचत खाते में 24200/-रूपये बैंक द्वारा वापस कराया गया। इस प्रकार पुलिस अधीक्षक मऊ के निर्देशन में कार्य करते हुए साइबर सेल द्वारा त्वरित कार्यवाही कर कुल 202391 रुपया (दो लाख दो हजार तीन सौ इक्यानबे रुपया) पीड़ितों के खाते में वापस कराया गया। बरामदकर्ता टीम में  निरीक्षक समर बहादुर सिंह (प्रभारी साइबर सेल),आरक्षी शैलेन्द्र कुमार कन्नौजिया, महिला आरक्षी वंदना पाण्डेय शामिल रही।


भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना…
MODUS OPERANDI कुछ इस प्रकार है।
FRAUDSTER आपका मोबाइल हैक करके E-FD (इलेक्ट्रॉनिक फिक्स डिपॉजिट) या ETDR / ESTDR (टर्म डिपॉजिट) बना लेता है और फिर आपको फोन करके ये बोलता है कि मैं BANK से बोल रहा हूं, कुछ TECHNICAL REASON से आपका पैसा DEBIT हो गया है। पैसा वापस लेने के लिए, PROCESS करने पर एक OTP देना पड़ेगा। अगर आपको पैसा वापस चाहिए तो OTP दीजिए। और इस प्रकार धोखे में आ जाने पर आपका पैसा DEBIT हो जाता है।

ऐसा कभी ना करें…

  1. किसी भी अनजाने लिंक पर अपन बैंक खाते या कार्ड संबंधित जानकारी साझा न करें।
  2. किसी को भी अपना एटीएम कार्ड नंबर, पिन या ओटीपी जैसी जानकारी न दें।
  3. किसी भी प्रकार का पासबुक व एटीएम कार्ड की फोटो मोबाईल में ना रखें।

फ्रार्ड होने पर तत्काल ऐसा करें

  1. एसबीआई के टोल फ्री नंबर 1800111109 पर दें,
  2. बैंक खाता शाखा में एक लिखित आवेदन जमा करें तथा अपने जनपद थाना व साइबर क्राइम सेल से तत्काल सम्पर्क करें।

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