मऊ के दर्जनों गांव में घुसा बाढ़ का पानी, सड़क भी डूबे
(सचिन मिश्रा)
कोरौली/ मऊ। क्षेत्र मे आई बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।दर्जनों गांवो का सम्पर्क मार्गो से संपर्क टूट चुका है।क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हो चुके है।खेतों में पानी लबालब भरा है।जिससे फसल नष्ट होने के कगार पर पहुच गई है।बताते चले कि आजमगढ़ जनपद में छोटी सरयू नदी पर टूटे बन्धे का पानी मादी होते हुए काफी तेजी के साथ ब्लाक क्षेत्र के तारनपुर, लामी,सियरहि, कादीपुर, गोड़ौली, फरसरा खुर्द,छुतिधर सहित आदि गांवो में प्रवेश कर रहा है।इससे दर्जनों गांव पूर्ण रूप से पानी से घिर चुके है।क्षेत्र में पानी काफी तेजी के साथ फैल रहा है।लोगों का मानना है कि देर रात तक अन्य गांव भी बाढ़ की चपेट में आ जाएगा।क्षेत्र के कई ग्रामीण सड़कों का संपर्क टूट चुका है।पानी की रफ्तार को देखते हुए पूर्व से भयभीत लोगों ने सभी जरूरत के सामान जुटा लिए हैं और ऊंचे जगहों पर शरण ले ली है।क्षेत्र में आई बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है।हजारों एकड़ खेतों में खड़ी धान,मक्का, उड़द, तिलि की फसल जलमग्न है।यह देख किसानों का दर्द आंसू बनकर छलक रहा है।अगर इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो और तीन-चार दिनों में दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
बाढ़ के हालातों पर ग्रामीणों की झाड़…
कोरौली मऊ==घाघरा के तटवर्ती इलाकों में प्रति वर्ष आती बाढ़ के लिए ग्रामीण प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।आरोप है कि बाढ़ निरोधक कार्यों में केवल औपचारिकताएं ही पूरी की जाती है।बाढ़ आ गई है लेकिन नावों की कोई व्यवस्था नहीं है।गांवो में बाढ़ के पानी से घर घिर गए है लेकिन अभी तक शासन प्रशासन की तरफ से कोई मदद ग्रामीणों को नही मिल रही है,जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्यपत है।तटवर्ती इलाकों में वर्ष 1998 में आई बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया।वैसा ही मंजर अब फिर से आंखों के सामने दिखाई पड़ रहा है।बाढ़ की विभीषिका झेल रहे ग्रामीण महेंद्र का कहना है कि बाढ़ प्रति वर्ष ही तबाही मचाती है। सिंचाई विभाग बाढ़ निरोधक कार्यों के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा करता है।ग्रामीण अजय यादव कहते हैं कि बाढ़ आ गई है।लेकिन प्रशासन द्वारा नाव, स्टीमर आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।यदि बाढ़ तबाही मचाने लगे तो गांव से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।ग्रामीण भूरे ने कहा कि पशुओं के सामने चारा की समस्या है और ग्रामीणों के समक्ष भरण पोषण की। फसलें तबाह हो गई है ऐसे में ग्रामीण आर्थिक समस्या से जूझ रहे है।
बाढ़ की विभीषिका से खुद ही निपट रहे ग्रामीण…
कोरौली/ मऊ।दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के दर्जनों गांवो में बाढ़ का पानी घुस गया है।जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी तादाद में लोगों की घर-ग्रहस्थी बर्बाद हो गई है। जलमग्न हुए गांवों के बासिंदे रोड पर चूल्हा जलाने का मजबूर हैं। परेशान ग्रामीणों तक प्रशासन की कोई मदद नहीं पहुंच रही।बाढ की स्थित को देखते हुए प्रशासन सभी तैयारियां करने का दंभ भरता रहा है।लेकिन उसके ये दावे बाढ की विभीषिका झेल रहे ग्रामीणों की स्थिति देखकर खोखले शाबित हो रहे हैं।क्षेत्र के तारनपुर,लामी,गोड़ौली, हरधौली,कादीपुर, नईबाजार,भैसाखरग,नवली सहित आदि गांवो में बाढ का पानी भर चुका है।ग्रामीण अपने घर छोड़कर सड़कों पर पनाह लिए हैं।आलम यह है कि सड़क पर ही उन्हें चूल्हे जलाने पड़ रहे हैं। बारिस से बचने के लिए लोगों ने पन्नी के तंबू बना रखे हैं। आलम यह है कि सामान निकालने के लिए लोगों को नाव तक उपलब्ध नहीं हो पा रही।अजय यादव,रामाश्रय यादव,चुन्नू चौहान,किशन चौहान, रामबाबू चौहान, जयराम, रानी, लंबरी,मंशा ने बताया कि गांव के दो दर्जन से अधिक लोगों के मकान डूब चुके हैं।लेकिन उनके पास अब तक कोई भी प्रशासनिक नुमाइंदा नहीं पहुंचा।ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के डेढ दर्जन से अधिक लोगों के मकानों में पानी भर गया है।फोरलेन पर लोग शरण लिए हैं। कई लोगों की ग्रहस्थी बरबाद हो चुकी है। जिससे भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। लेकिन उन्हें अब तक किसी तरह की मदद नहीं मिली है।
प्राथमिक विद्यालय बाढ़ के पानी घिरा…
स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी, लटका ताला…
कोरौली/ मऊ। क्षेत्र में आई बाढ़ से कई प्राथमिक विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुस गया है।कुछ स्कूल तो पूरी तरह पानी से घिर गए हैं।इन स्कूलों पर ताले पड़ गए हैं और गुरुजी छुट्टी मना रहे हैं। पानी लगने से स्कूल भवन को भी खतरा है।दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के ग्राम सभा तारपुर के प्राथमिक विद्यालय को बाढ़ के पानी ने चारों ओर से घेर लिया है। प्राथमिक विद्यालय के परिसर में घुटने भर पानी लगा है।पानी भरने से विद्यालय की दीवारों पर ढहने का खतरा मंडरा रहा है।
पशुओ के चारो की समस्या…
कोरौली/ मऊ। घाघरा नदी से आई बाढ़ में तटवर्ती इलाको के पशुपालको को पशुओ के चारे के लिए काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है।क्षेत्र के लामी,सियरहि, फरसरा खुर्द,छुतिधर, हरधौली, नईबाजार,कादीपुर के तालो व गांवो में बाढ़ का पानी भर जाने से पशुओ को चारे के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है।










