मऊ की बेटी व गाजीपुर की बहू ने नाम किया रौशन
गाजीपुर। जनपद के भांवरकोल थाना अंतर्गत मलिकपुरा ग्राम निवासी राइस मिलर विकास राय की बहू दीक्षा राय ने लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष के मेरिट में पहला स्थान प्राप्त कर अपने परिवार सहित जिले का नाम रौशन किया है। उनके इस कार्य कुशलता को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस कौशल जयेंद्र ठाकर ने उन्हें गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
बताते चलें कि होनहार छात्रा दीक्षा राय मऊ जिले के ग्राम सेमरी जमालपुर निवासी सत्येंद्र राय की पुत्री हैं। पठन-पाठन के क्षेत्र में एक होनहार छात्रा होने के साथ-साथ वो एक कुशल लेखिका भी हैं। विगत कुछ वर्षों पहले दीक्षा ने अपने एक पुस्तक का भी सफल प्रकाशन किया था जिसका नाम है एहसास।
पढ़ने-लिखने की इस ललक ने उन्हें एक सफल मुकाम तक पहुंचा दिया। इस तरह से उन्होंने जहां एक तरफ अपने पैतृक आवास सेमरी जमालपुर का नाम रौशन किया तो वहीं दूसरी तरफ अपने ससुराल गाजीपुर जिले का नाम भी रौशन किया।

बतातें चलें की दीक्षा शुरू से ही संघर्षशील रही हैं। इनका कहना है की ‘जब हम खुद कुछ करने की ठान लेते हैं तो कोई भी परिस्थिति हमें अपने सपनों को हासिल करने से नहीं रोक सकती’। इनकी पहली पुस्तक एहसास को लिखने के दौरान भी इनको काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। क्योंकि लोग इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे की कुदरत ने इन्हें लेखन के हुनर से भी नवाजा है। उस वक़्त भी दीक्षा B.Sc द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और उन्होंने अपनी मेहनत और हौसले से खुद को साबित किया। साल 2019 में उनका विवाह गाजीपुर के मलिकपुरा ग्राम निवासी ‘ पत्रकार हिमांशु राय’ के साथ हुआ। विवाह के दौरान भी लोगों को ये लगा की अब उनके सपने खतम हो जायेंगे और विवाह के बाद वो अपने जीवन में कुछ और नहीं कर पायेंगी। लेकिन दीक्षा ने अपनी काबिलियत के दम पर ‘गोल्ड मेडल’ जीत कर लोगों को एक बार फिर ये बताया की उन्हें कोई इंसान या कोई परिस्थिति आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। उनका कहना है की उनकी इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय उनके पिता और उनके पति को जाता है। उनके पिता ने समाज की परवाह न करते हुए उनके सपनों की नींव बनाने में उनका साथ दिया और विवाह के पश्चात उनके पति ने भी समाज की दकियानुसी बातों को पीछे धकेलते हुए उनके सपनों की उड़ान में उनका हाथ थामे रखा।


