बिल्थरारोड को जिला बनाने की मांग, राज्यपाल सहित क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों को भेजा पत्र
(अशोक जायसवाल)
बिल्थरारोड, बलिया। क्षेत्र को जिला बनाने की एक बार फिर मांग जोर पकड़ने लगी है। जिले से 70 किमी दूर स्थित स्थानीय तहसील में सुविधाओं का टोटा है। जिला बनने की स्थिति में इस क्षेत्र का काफी हद तक विकास सम्भव होगा। इसे जिला बनाने की मुहिम को लेकर पिपरौलीबड़ा गांव के प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल रहमान ने राज्यपाल सहित क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखा है।
बिल्थरारोड को जिला बनाने का मुद्दा यू तो पिछले डेढ़ दशक से उठता रहा है, परन्तु पिछले कुछ दिनो से इसकी चर्चा ने काफी जोर पकड़ लिया है। इस बार बिल्थरारोड को जिला बनाने के लिए पिपरौली प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल रहमान आगे आये हैं। उन्होने उप्र के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री सहित इस क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों हरिनारायण राजभर, नीरज शेखर, सकलदीप राजभर, रविशंकर सिंह पप्पू, धनन्जय कन्नौजिया व नपं अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्त को पत्र लिखकर बिल्थरारोड को जिला बनाने की मांग की है। उन्होने अपने भेजे गये पत्र में लिखा है यह तहसील जिले से 70 किमी दूर है। यहां स्थित सीएचसी सीयर में गरीब, असहाय, मजदूर किस्म के लोग इलाज कराने आते है। मूलभूत सुविधा व विशेषज्ञ चिकित्सकों के न होने से सिर्फ 10 फीसदी ही रोगी का इलाज सम्भव हो पाता है शेष 90 फीसदी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल की दूरी काफी होने से रेफर हुए अधिकांश मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते है। न्याय, शिक्षा, गांव के विकास व पुलिस चरित्र प्रमाण-पत्र आदि बनवाने में भी लोगों का कुछ ऐसा ही हश्र होता है तथा वे इसके लिए जूझने को मजबूर हो जाते है। जिले से काफी दूर होने के चलते विकास भवन से जारी सूचनायें समय से ग्राम प्रधानों, जिला पंचायत सदस्यों आदि जनप्रतिनिधियों तक नही पहुंच पाती जिससे विकास के कार्यों को कराना दुरूह साबित होता है। मुकदमे में समय पर नही पहुंचने से तारीख पर तारीख पड़ती रहती है जिससे लोग पीढ़ी दर पीढ़ी मुकदमा झेलने को मजबूर हो जाते हैं। जिले से दूरी के चलते जहां यहां के प्रतिभावान खिलाड़ी अनेक खेलों में हिस्सा लेने से वंचित रह जाते हैं जिससे उनका कैरियर शिखर पर पहुंचने के पहले ही समाप्त हो जाता है वहीं शिक्षा की गुणवत्ता पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। प्रधान प्रतिनिधि ने जनप्रतिनिधियों से जनहित में इस बावत विचार कर क्षेत्र को जिला बनाने की अपील की है। प्रधान प्रतिनिधि द्वारा अपने इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए पर्ची वितरण, पोस्टरवार के साथ ही लोगों को साथ लेकर गारंधीवादी तरीके से सत्याग्रह आदि करने की योजना को अंतिम रूप देना प्रारम्भ हो चुका है।


दुर क ढोल शुवाहन लागे यही चिरताथ होगा क्यों की
बेल्थरा रोड के जनप्रतिनिधियो की अनदेखी का नतीजा है
और आगे भी जारी रहेगा