अवैध नर्सिंग होम में आपरेशन के दौरान एक प्रसूता की मौत
◆घटना के बाद अस्पताल में ताला जड़ संचालक फरार
बिल्थरारोड (बलिया) । उभांव थाना क्षे़त्र के कुण्डैल ढाला स्थित एक अवैध नर्सिंग होम में आपरेशन से डिलेवरी के दौरान एक प्रसूता की हालत बिगड़ गयी। आनन फानन में प्रसूता को इलाज के लिए मऊ ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार की सुबह परिजनों की सूचना पर गांव पहुंची पुलिस ने मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए अपने कब्जे में ले लिया। उधरघटना के बाद तथाकथित चिकित्सक अस्पताल में ताला जड़कर फरार हो गया।
स्वास्थ्य महकमे की वरदहस्त के चलते क्षेत्र में अवैध नर्सिंग होम का धड़ल्ले से संचालन जारी है। अब तक इन अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के चलते अनेक मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद स्वास्थ्य महकमा इनसे बेपरवाह बना हुआ है।
इसका ताजा उदाहरण कुण्डैल ढाला के पास स्थित एक अवैध नर्सिंग होम में मंगलवार को देखने को मिला जब आपरेशन से डिलवरी के दौरान एक प्रसूता को अपनी जान से हाथ धोना पडा। घटना के सम्बन्ध में बताया जाता है कि फरसाटार गांव के दक्षिण टोला निवासी मंटू की पत्नी मंशा देवी 26 वर्ष की डिलेवरी होने वाली थी। इस दौरान उसका मेडिकल चेकअप सीएचसी सीयर में जारी था। मंगलवार को भी मंटू पत्नी का चेकअप कराने सीएचसी सीयर पहुंचा। सूत्रों की मानें तो इसी दौरान किसी आशा बहू ने उसे अपनी पत्नी को कुण्डैल स्थित
उषा हास्पीटल ले जाने की सलाह दे दी।
इस सलाह पर मंटू अपनी पत्नी को सरकारी अस्पताल से उषा हास्पीटल लेते गया। वहां मौजूद तथाकथित महिला
चिकित्सक डा0 रीमा भारद्वाज ने डिलवरी के लिए आपरेशन आवश्यक बताया। चिकित्सक के कहने पर महिला का पति उसका आपरेशन के लिए तैयार हो गया।
शाम साढ़े 7 बजे आपरेशन के बाद बच्चा तो सुरक्षित पैदा हो गया परन्तु महिला की मूर्छा नहीं टूटी। महिला की स्थिति देखते हुए उक्त चिकित्सक द्वारा अपने हाथ खड़े कर दिए गए तथा उसके पति से उसको इलाज के लिए मऊ ले जाने की सलाह दे दी गई । उसकी सलाह पर
पति द्वारा उसे मऊ ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। बुधवार की सुबह मृत महिला के परिजनों ने इसक सूचना 100 नम्बर
डायल पुलिस को दी। सूचना मिलने पर गांव पहुंची पुलिस ने मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए अपने कब्जे में ले लिया। उधर फरसाटार के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि उस्मानुल हसन ने भी इसके लिए क्षेत्र में संचालित अवैध नर्सिंग
होम व स्वास्थ्य महकमे की उदासीनता को दिया है। नर्सिंग होम के संचालन के सम्बन्ध में सीएचसी अधीक्षक डा0 जीपी से पूछने पर उन्होंने कहा कि वह एसडीएम से मिलकर अवैध रूप से संचालित हो रहे नर्सिंग होम के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। उधर घटना के बाद चिकित्सकों ने अस्पताल से बोर्ड को हटवा दिया है।
क्षेत्र में अवैध नर्सिंग होम में होने वाली मौतों से भी स्वास्थ्य महकमा की नींद नही टूटी है…
दो माह पूर्व भी नगर के पन्नालाल कटरा गली स्थित संचालित सांई अस्पताल में भी आपरेशन से डिलवरी
के दौरान एक महिला की मौत हो गयी थी। महिला की मौत के बाद परिजनो द्वारा उक्त अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ उभांव थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना के बाद स्वास्थ्य महकमा व पुलिस कुछ दिन के लिए सक्रिय तो दिखी परन्तु बाद में वह इसके प्रति पुनः बेपरवाह हो गयी। प्रशासन के इस रवैये के चलते अवैध नर्सिंग होम के हौसले बुलंद हैं।

