खास-मेहमान

अक्षरश: शब्द ! काश सभी विधायक में होता ऐसा दर्द

ये शब्द किसी पत्रकार के नहीं हैं, ना ही लेखक के हैं और यह भी नहीं कह सकते इस शब्द में सच्चाई का समावेश नहीं है। बिल्कुल बलिया जनपद के रसड़ा विधानसभा के बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह के सोशल मीडिया के फेसबुक पेज के यह शब्द अक्षरश: उन्हीं के हैं और यह सत्य है कि विधायक अपने क्षेत्र के लोगों की समस्या के समाधान और उनके विकास के लिए जिस ढृढ़ विश्वास के साथ लगें हैं बलिया सहित पड़ोसी जनपद में कोई दूसरा विधायक ऐसा नहीं दिखता।

पढ़े विधायक के स्वयं के शब्द…

इंसान अपने लिए सब कुछ संभव मानता है लेकिन जब बात प्रकृति की आती है तो वो हर बार इंसान को अपने आगे बौना साबित कर जाती है । तैयारियां आपदा के लिए हो सकती हैं लेकिन जहां आपदा की कोई संभावना ही ना हो वहां किस अधार पर तैयारियां की जाएं। उदाहरण के तौर पे हमारे अपने विधानसभा रसड़ा बलिया के नगरपालिका छेत्र के बनियाबाध नई बस्ती भीटा क्षेत्र के लोगों ने कुछ समय पहले तक ये सोचा भी ना होगा कि उनके आसपास नही कोई नदी है और नही कोई ऐसी स्थिति की उन्हें भी भयानक बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है ।

आज जब इस क्षेत्र के पीड़ित लोगों से मैं मिलने उनके मुहल्ले में पहुंचा तो यहां का दृश्य देख कर मेरा दिल दहल उठा । पूरा क्षेत्र जलमग्न है, कई घर उजड़ गए अर्थात जमीदोज अनेको परिवार को जान माल की हानि हुई है । आश्चर्य की बात है कि इस क्षेत्र के पास से कोई भी नदी नहीं गुज़रती । ये भयानक बाढ़ जैसी स्थिति कुछ दिनों से हो रही लगातार वर्षा के कारण बनी है । भयानक वर्षा ने यहां के लोगों का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है ।

भारी बारिश के कारण यहां पानी जमा हो गया । नालों पर कोई ध्यान ना दिए जाने के कारण पानी निकासी का कोई मार्ग ना मिला जिससे घरों में 4 से 5 फिट तक पानी जमा हो गया । इसी जमा पानी के कारण एक एक कर के कई घर गिर गए । जिन लोगों के घर गिर गए वे जैसे तैसे अपना सिर छुपाने का इंतजाम कर रहे हैं । फिलहाल तो ये अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है कि कितना नुक्सान हुआ होगा ।

लेकिन इस विपत्ति की घड़ी में मैं अपने क्षेत्रवसीयों के साथ हूं । उन्ही लोंगो के सामने से ही मैने कुछ अधिकारियों से उस स्थिति से अवगत कराते हुए ये बात कही कि जिन पीड़ितों के घर गिरे हैं उनका सर्वे कर के उन्हें आवास मुहैया कराया जाए । इसके साथ ही जिन लोगों का जो कुछ भी नुक्सान हुआ है उसकी क्षतिपूर्ति भी दिया जाए । मैं प्रभावित लोंगो को आश्वस्त करता हूं कि उनके जानमाल के नुक्सान के लिए सरकार से उचित मुआवज़े की मांग करूंगा ।

हमारे इलाके में ऐसी स्थिति कभी नहीं आती लेकिन आज जब इस क्षेत्र का दौरा किया तो प्रकृति का ये प्रकोप देख हैरान रह गया । मेरी तरफ से ये प्रयास रहेगा कि इस क्षेत्र के लोगों को ऐसी स्थिति में भोजन की दिक्कत ना हो । इसके लिए मेरी तरफ से प्रभावित क्षेत्र में लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी ।

मैं हर स्थिति में अपने क्षेत्रवासियों के साथ खड़ा हूँ।

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