राशन डीलरों ने बीमा कवर, लाभांश तथा बकाया धनराशि का भुगतान तत्काल किए जाने की मांग की

रतनपुरा /मऊ। राशन डीलर इन दिनों चौतरफा परेशानी झेल रहे हैं। यह पिछले मार्च महीने से जहां राज्य सरकार से अपना कमीशन बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पिछले वर्ष 2020 में निशुल्क रूप में कार्ड धारकों में वितरित किए गए राशन के मूल्य का 2 माह की धनराशि बकाया है। जिसे अभी तक भुगतान नहीं किया गया।
राशन डीलरों का कहना है कि मौजूदा समय में कोविड-19 का संक्रमण पूरे देश में तेजी से पांव पसार रहा है। परंतु उन्हें राज्य कर्मचारियों की भांति 50 लाख का बीमा कवर अभी तक सुनिश्चित नहीं किया गया। जिससे राशन डीलर जान जोखिम में डालकर के कार्ड धारकों को राशन का वितरण कर रहे हैं। यद्यपि विभागीय स्तर पर 98% राशन का वितरण आधार प्रमाणीकरण के आधार पर किया जा रहा है। इसके बावजूद भी अभी तक राशन डीलरों के कमीशन नहीं बढ़ाए गए, और ना ही उनके मानदेय ही सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
इन तमाम विसंगतियों को झेलते हुए राशन डीलर विभागीय नियमों का पालन करते हुए कार्ड धारकों को विभागीय दिशानिर्देशों के अनुरूप निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध करा रहे हैं। सरकार के तरफ से यह संकेत मिला था कि उनका कमीशन बढ़ा दिया जाएगा। खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा इस संदर्भ में शासन को अर्ध शासकीय पत्र भी लिखा जा चुका है। परंतु जमीनी स्तर पर यह कार्य फलीभूत होते दिखाई नहीं पड़ रहा है ,और तो और वित्तीय वर्ष 2020 में अंत्योदय एवं मनरेगा कार्ड धारकों को अप्रैल मई और जून में निशुल्क राशन वितरण किया गया। जिसमें अप्रैल महीने का भुगतान तो विभागीय स्तर से कर दिया गया। परंतु मई और जून का बकाया धनराशि अभी तक उचित दर विक्रेताओं के खाते में अंतरित नहीं की गई। जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त हो चुके हैं । राशन डीलरों को उम्मीद थी कि वित्तीय वर्ष समाप्ति के मार्च माह के अंत तक उनके 2 माह का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा ।परंतु फाइलें दौड़ती रही ,और भुगतान अधर में लटक गया। जिसकी वजह से इस मद में प्राप्त धनराशि शासन को वापस चली गई। जिससे राशन डीलरों में काफी मायूसी छाई हुई है ।एक तो वैसे ही इस कार्य में शासन द्वारा जो कमीशन दिया जा रहा है, वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। ऐसी स्थिति में राशन डीलरों का 2 माह का बकाया धनराशि 1 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी भुगतान उनके खाते में अंतरित नहीं किया जा सका है। ऊपर से अप्रैल 2020 से मिट्टी तेल का आवंटन भी समाप्त कर दिया गया । जिसकी वजह से कार्डधारक काफी परेशान चल रहे हैं ,और मिट्टी तेल पर मिलने वाले लाभांश से भी राशन डीलर वंचित हो गए। इसकी वजह से राशन डीलरों की आर्थिक स्थिति और भी डवाडोल हो गई है।
वरिष्ठ राजनेता एवं प्रमुख समाजसेवी निसार अहमद ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग किया है कि उचित दर विक्रेता वैसे भी आर्थिक मंदी और अल्प बचत की मार झेल रहे हैं। ऐसी स्थिति में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य कर्मचारियों की भाति इन्हें भी 50 लाख का बीमा कवर , अंत्योदय एवं मनरेगा कार्ड धारकों को निशुल्क वितरित किए गए 2 माह का राशन धनराशि का बकाया तत्काल उचित दर विक्रेताओं के खाते में अंतरित किए जाने एवं उनका लाभांश बढ़ाने अथवा ₹30000 मासिक मानदेय निर्धारित किए जाने की मांग की है। ताकि राशन डीलर अपना और अपने परिवार का व्यवस्थित ढंग से भरण-पोषण कर सकें।

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