खास-मेहमान

मालवी बोली के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु निरंतर प्रयासरत :भोलीबैन

कुशल प्रशासनिक अधिकारी के साथ बेहतरीन लेखन के लिए जानी जाती है हेमलता शर्मा ‘भोली बैन’

इंदौर। राजेन्द्र नगर में रहने वाली मालवी निमाड़ी साहित्य शोध संस्थान की सचिव हेमलता शर्मा ‘भोली बैन’ की एक पुस्तक मां तेरे आंचल की छांव में विश्व रिकॉर्ड बना चुकी है। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक एवं हिंदी के प्रोफेसर प्रो. शैलेन्द्र शर्मा आपकी लेखन प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहते हैं कि भोलीबेन के द्वारा मालवी भाषा के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार हेतु किये जा रहे प्रयास सराहनीय हैं । आप ब्लॉग, यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम,टि्वटर आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग मालवी बोली के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लाजवाब तरीके से कर रही है। आप ऑनलाइन ‘मालवी सीखो’ क्लास भी चलाती है। आपके हाल ही के वीडियो ‘मालवी सीखो’ को 74 हजार से अधिक लोग देख चुके हैं। आप हिंदी और मालवी में सामाजिक संदेशात्मक शॉर्ट फिल्में बनाती है। आपको मालव रत्न अलंकरण, लोकभाषा साहित्य रत्न सम्मान से नवाजा जा चुका है । भोलीबेन वर्तमान में एक लेखिका, सहायक संचालक वित्त (कोष एवं लेखा) इंदौर में द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारी के रूप में कार्यरत है। इससे पूर्व आप सहायक संचालक जनसंपर्क के रूप में कार्य कर चुकी हैं। लेखन विधा में आप कविता, आलेख, व्यंग और लघुकथा लिखती हैं। हेमलता शर्मा 1993 से लेखन क्षेत्र में सक्रिय है। मध्यप्रदेश संदेश, अभिव्यक्ति जैसी शासकीय पत्रिकाओं एवं दैनिक भास्कर, पत्रिका, नई दुनिया, इंदौर समाचार जैसे प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में आपके आलेख, कविताएं, व्यंग एवं लघुकथा प्रकाशित होती रही हैं। राष्ट्रीय सुरभि साहित्य संस्कृति अकादमी से उत्कृष्ट कवियित्री, हिंदी रक्षक मंच, अग्रसर हिंदी साहित्य मंच जोधपुर राजस्थान से उत्कृष्ट समीक्षक सहित विभिन्न सामाजिक साहित्यिक संस्थाओं से आपको सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। सन् 1977 में आगर-मालवा में जन्मी भोलीबेन को हाल ही में जय किरण शोध संस्थान से केसर सिंह पलवा स्मृति साहित्य सम्मान प्राप्त हुआ है। शासकीय क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य हेतु तीन बार आप सम्मानित हो चुकी है।
‘विशेष उपलब्धि’- स्नातकोत्तर तक पढ़ी हेमलता शर्मा मध्य प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित आगर मालवा जिले की प्रथम प्रशासनिक अधिकारी है। विभिन्न अवसरों पर मंच संचालन, अध्यक्षता, थिएटर के कलाकार के रूप में मालवी बोली के प्रचार-प्रसार हेतु ‘अपणो मालवो’ के माध्यम से प्रचार-प्रसार एवं आनंदक के रूप में विभिन्न सामाजिक- साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से समाज सेवा एवं जनकल्याण कार्यों में आपकी सक्रिय भागीदारी होती है। आपने हाल ही में प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई जी के उपन्यास का मालवी बोली में अनुवाद किया है। मालवा जन समुदाय द्वारा आपको मालवा की शान एवं भोली बैन के तखल्लुस से सम्मानित किया गया है। आपके लेखन का उद्देश्य मातृभाषा हिंदी एवं मालवी बोली का प्रचार प्रसार करना है। भोलीबेन की मालवी बोली की एक कृति ‘अपणो मालवों’ और अब तक 21 सांझा संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। आपकी दो पुस्तकें प्रकाशनाधीन है। राघवेंद्र तिवारी, अलक्षेंद्र व्यास, प्रियंका श्रीवास्तव संजय परसाई ‘सरल’, मालवी कवियत्री कुसुम मंडलोई आदि प्रसिद्ध साहित्यिकारों ने आपको बधाई एवं शुभकामनाएं दी। जैसा आपने जितेन्द्र शिवहरे को बताया।

सुश्री हेमलता शर्मा भोली बेन
शिक्षा-स्नातकोत्तर (विषय-समाजशास्त्र)
जन्मतिथि- 19/12/1977
पता-राजेंद्र नगर, इंदौर मध्य प्रदेश
पिन कोड-452012

प्रेषक-
जितेन्द्र शिवहरे
177, इंदिरा एकता नगर पूर्व रिंग रोड चौराहा मुसाखेड़ी इंदौर मध्यप्रदेश मोबाइल नम्बर
877087051
[email protected]

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