पुत्र भले ही कुपुत्र हो जावे परंतु माता कभी भी कुमाता नहीं हो सकती : पारसनाथ गुप्ता
मऊ। मां के आशीर्वाद की आवश्यकता जीवन पर्यंत बनी रहती है पुत्र भले ही कुपुत्र हो जावे परंतु माता कभी भी कुमाता नहीं हो सकती ।उक्त विचार हैं अखिल भारतीयमध्य देशीय वैश्य सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पारसनाथ गुप्ता के। वे संस्कृत पाठशाला स्थित शत्रुघ्न प्रसाद मद्धेशिया के आवास पर आयोजित उनकी माता की श्रद्धांजलि सभा में उक्त विचार व्यक्त कर रहे थे। श्री गुप्ता ने कहा कि शत्रुघ्न की मां हमारी बहन ही नहीं बल्कि पूरे परिवार की संरक्षिका थी। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष डॉ राम गोपाल गुप्ता ने कहा कि मां अति दयावान तथा सदैव अपने आशीर्वाद से समग्र समाज को अभिसिंचित करती रहती है। वे अत्यंत सरल सहज तथा मृदु स्वभाव की धनी थी। सदैव धार्मिक व सामाजिक कार्यों के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन बखूबी करती थी। उनके निधन से समग्र परिवार का अपूरणीय क्षति हुई है इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके चित्र के समक्ष श्रद्धा सुमन अर्पित किया और तत्पश्चात 2 मिनट का मौन रखकर गत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य रामदास गुप्ता जिला अध्यक्ष राधेकांत गुप्ता वेद प्रकाश आर्य युवा संगठन के प्रदेश महामंत्री अभिशेक मद्धेशिया प्रिंस मद्धेशिया संत गणिनाथ मंदिर देवलास के अध्यक्ष अनूप मद्धेशिया रोशन लाल मद्धेशिया संजय गुप्ता मनोज कुमार गुप्ता विनोद मद्धेशिया अभिषेक गुप्ता कृष्णा मद्धेशिया विकास गुप्ताआदि मौजुद रहे।

