पवित्र पावन वनदेवी धाम में व्यापार मंडल का हुआ शपथ ग्रहण समारोह
मऊ। जनपद स्थित मां वनदेवी धाम में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के चुनाव के बाद शपथ ग्रहण समारोह हुआ। जिसमें अध्यक्ष अमिताभ यादव सहित कई व्यापारियों को जिन्होंने व्यापारी हित में अच्छा कार्य किया था, उनको सम्मानित करते हुए जिला अध्यक्ष उमाशंकर ओमर
ने बताया कि वनदेवी मंदिर तक जाने वाले रास्ते की हालत बहुत ही खराब है वनदेवी पार्क से लेकर वनदेवी मंदिर तक लगभग डेढ़ सौ मीटर सड़क की स्थिति बहुत ही जर्जर है। यहां पर पक्का शौचालय भी बना हुआ है , परंतु उसमें ताला लगा हुआ है। अभी तक उसको चालू नहीं किया गया है, जिसके कारण आने वाले दर्शनार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। श्री ओमर ने मऊ के जिलाधिकारी अमित कुमार बंसल से मांग किया है कि सड़क को पीच कराकर तथा बंद शौचालय को दर्शनार्थियों हेतु तत्काल खुलवा दिया जाए। ताकि आने वाले दर्शनार्थियों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।
श्री ओमर ने वनदेवी धाम के महत्त्व को प्रतिपादित करते हुए कहा कि
जनपद मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम दिशा में प्रकृति के मनोरम एवं रमणीय परिवेश में जगत जननी सीता माता का मन्दिर वनदेवी धाम अवस्थित है। यह स्थान श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र बिन्दु है। वनदेवी मन्दिर अपनी प्राकृतिक गरिमा के साथ-साथ पौराणिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का प्रेरणा स्रोत भी है। जनश्रुतियों एवं भौगोलिक साक्ष्यों के आधार पर यह स्थान महर्षि बाल्मिकी की साधना स्थली के रूप में विख्यात रहा है। महर्षि का आवास इसी स्थान के आस-पास कहीं रहा होगा। कहा जाता है कि माता सीता ने भी अपने अखण्ड पतिव्रत धर्म का पालन करते हुए यहीं पर अपने पुत्रों लव-कुश को जन्म दिया था। यह स्थान साहित्य साधना के आदि पुरुष महर्षि बाल्मिकी एवं सम्पूर्ण भारतीयता का प्रतीक भगवान राम तथा माता सीता से जुड़ा हुआ है।

जनश्रुति के अनुसार नर्वर के रहने वाले सिधनुआ बाबा को स्वप्न दिखाई दिया कि देवी की प्रतिमा जंगल में जमीन के अंदर दबी पड़ी है। देवी ने बाबा को उक्त स्थल की खुदाई कर पूजा पाठ का निर्देश दिया। स्वप्न के अनुसार बाबा ने निर्धारित स्थल पर खुदाई प्रारम्भ की तो उन्हें मूर्ति दिखाई दी। बाबा के फावड़े की चोट से मूर्ति क्षतिग्रस्त भी हो गयी। बाबा जीवन पर्यन्त वहाँ पूजन-अर्चन करते रहे। वृद्धावस्था में उन्होंने उक्त मूर्ति को अपने घर लाकर स्थापित करना चाहा लेकन वे सफल नहीं हुए ,और वहीं उनका प्राणांत हो गया। बाद में वहाँ मन्दिर बनवाया गया। वनदेवी मन्दिर अनेक साधु-महात्मा एवं साधकों की तपस्थली भी रहा है। इस क्षेत्र में रहे अनेक साधु-महात्माओं में लहरी बाबा की विशेष ख्याति है। यहाँ श्रद्धालुओं को मानसिक एवं शारीरिक व्याधि से छुटकारा मिलता है। शपथ ग्रहण समारोह में अमिताभ यादव ,कैलाश प्रसाद गुप्ता आईटी मंच के प्रदेश महामंत्री आनंद ओमर सहित दोनों कमेटियों के सदस्य एवं पदाधिकारी भी उपस्थित थे।









