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इस्लाम का आतंकवाद से कोई संबंध नहीं : डा. नुरूल हसन

मऊ। इस्लाम कभी आतंकवाद की बात नहीं करता बल्कि हमेशा अमन और शांति की बात करता है इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ना बिल्कुल बेबुनियाद है ये बातें रविवार को डोमनपुरा स्थित एमएए फाउंडेशन में इस्लाम और आतंकवाद विषय पर आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए आर एफ दावह सेंटर के अध्यक्ष डाक्टर नुरूल हसन ने कही।

उन्होंने कहा कि अल्लाह लूट मार और कत्ल करने वालों को कभी पसंद नहीं करता इस्लाम तो हमेशा न्याय की बात करता है तो फिर इस्लाम का संबंध आतंकवाद से कैसे हो सकता है। आतंकवादी संगठनों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं होता यह आतंकवादी संगठन सिर्फ इस्लाम को बदनाम करते हैं, इस्लाम तो अमन व शांति का मज़हब है इस्लाम धर्म कहता है कि जिसने किसी एक इंसान की जान ली तो समझो कि उसने पूरी इंसानियत की जान ली है तो फिर ऐसे में कोई आतंकवादी मुसलमान कैसे हो सकता है।
आगे उन्होंने बताया कि इस्लाम को सही समझने के लिए उसकी सही स्टडी ज़रूरी है इस्लाम हमेशा समानता की बात करता है।
नगरपालिका अध्यक्ष तय्यब पालकी ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, इसलिए आतंकवाद को किसी भी धर्म से जोड़ना बिल्कुल गलत है। मौलाना हफीजुर्रहमान असरी ने कुरान व हदीस के हवाले से मीडिया के सवालों का जवाब दिया।
इस अवसर पर विशेष रूप से ओज़ैर अहमद गृहस्थ, सोहेल एडोवोकेट, अमीर हमज़ा आज़मी, असलम एडवोकेट, फैज़ अहमद, मुम्ताज़ अहमद गंगोतरी, राकिम एजाज़, खालिद कोठा आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।

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