मऊ सिन्धी समाज के लोग लखनऊ में राज्यपाल से मिल कहे अपना दर्द
(आनन्द कुमार)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मऊनाथ भंजन नगर के सिंधी समाज के लोग विगत दिनों सूबे के राज्यपाल से मिलकर उन्हें अपना दर्द बताया।
लखनऊ के पार्षद वीरेन्द्र कुमार वीरु के नेतृत्व में मऊ सिन्धी समाज के लोग शनिवार को मिले और उन्हें बिन्दुवार अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल से अपने दर्द में बताया कि विस्थापितों को 68 वर्ष पूर्व किस्त पर मऊ जिले में जमीन मुहैया कराई गई थी। जिसमें समस्त भुगतान के बाद भी सिन्धी समाज को जमीन पर मालिकाना हक नहीं मिल रहा है। सिंधी समाज के लोगों ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने राज्यपाल महोदय से कहा कि 50 विस्थापितों को वर्ष 1950 में मऊ में किस्त पर जमीन मुहैया कराई गई थी। उसकी कीमत ₹ 60 हजार निर्धारित की गयी थी। समाज के सभी लोग सरकार द्वारा निर्धारित की गयी रकम को पाई-पाई जमा कर दिया गया। लेकिन उन्हें अभी तक उस पर मालिकाना हक नहीं मिला है। उसी समय से लोग उस पर अपना दो मंजिला इमारत बना कर रहे हैं। सिंधी समाज के लोगों ने राज्यपाल से उक्त दिया गया मकान पर मालिकाना हक की मांग की है लोगों का कहना था कि हमारे समाज का कोई जनप्रतिनिधि या सभासद नगर पालिका या अन्य किसी क्षेत्र में नहीं है जिसकी वजह से हम लोग के समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है ऐसे में महामहिम के माध्यम से ही हम सिंधी समाज के लोगों का कल्याण हो सकता है लोगों ने राज्यपाल से न्याय की गुहार लगाई है। इस अवसर पर प्रमुख रुप से श्री चंद अलवानी, किशन चंद, रवि कुमार, बासुदेव, गोपीचंद, सेवक राम, अशोक कुमार, अनिल कुमार, कमलेश तानवानी, किशोर कुमार मोहन लाल आदि मौजूद रहे।

