बलिया के पत्रकार रतन सिंह की हत्या पर CM योगी ने जताया दुख, कहा अपराधियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई,
● 10 लाख रुपये सहायता व पत्नी को नौकरी का ऐलान,
फेफना प्रभारी निरीक्षक निलंबित,
बलिया के पत्रकार रतन सिंह की हत्या पर सीएम योगी ने शोक संवेदना प्रकट किया है। मृतक के परिजनों को दस लाख रुपया आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
सीएम योगी ने कहा कि अपराधियों को बख्शा नही जायेगा। फेफना थाना क्षेत्र में पत्रकार रतन सिंह पुत्र विनोद सिंह की उनके पटटीदारों द्वारा सोमवार की देर शाम लाठी डंडे और गोली मारकर हत्या करने के बाद हरकत में आई पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में नामजद दस अभियुक्तों में से छह लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस के अनुसार घटना का कारण बीते वर्ष 26 दिसंबर को दोनों पक्षों में हुई मारपीट रही है। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस घटना में शामिल पांच आरोपित उस मामले में भी नामजद रहे हैं।
पुलिस के अनुसार प्रतिपक्षी दिनेश सिंह की ओर से पंजीकृत कराए गए मामले में रतन सिंह पुत्र विनोद सिंह भी नामजद थे जिनकी नामजदगी विवेचना में गलत पाई गई थी। डीआइजी ने इस मामले में प्रभावी कार्रवाई न करने और मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रभारी निरीक्षक फेफना को निलंबित कर दिया है। फेफना गांव में एक निजी न्यूज चैनल के पत्रकार रतन सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार की देर रात प्रधान प्रतिनिधि समेत दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता व पत्नी को नौकरी देने की घोषणा की है। घटना के बाद तनाव के मद्देनजर पूरी रात एसपी देवेंद्र नाथ भारी फोर्स के साथ मौके पर डटे रहे। उन्होंने अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस घटना को पुरानी रंजिश व जमीनी विवाद से जोड़कर देख रही है। सोमवार की रात करीब 8:45 बजे रतन सिंह फेफना – रसड़ा मार्ग स्थित अपने घर से एक युवक के साथ गांव में गए थे। इसी बीच ग्राम प्रधान सीमा सिंह के घर के सामने कुछ लोगों ने उन पर पहले लाठी डंडे से वार कर दिया। बचने के लिए रतन सिंह प्रधान के दरवाजे की तरफ भागने लगे, तभी बदमाशों ने उनके सिर में और दो अन्य जगहों पर तीन गोली दाग दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पहुंचे परिजनों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ द्वारा कठोर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद पुलिस शव को कब्जे में ले पाई। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर शशिमौली पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, सूत्रों की मानें तो इस मामले में एसओ के बाद अभी कुछ सिपाहियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
एसपी के मुताबिक, पूरे मामले की तफ्तीश होगी और इसमें जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई होगी। एसपी ने बताया कि पत्रकार रतन सिंह का उनके पटटीदारों से जमीन को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा था। पूर्व में भी कई बार मारपीट हो चुकी है। पुलिस अधीक्षक ने एसओ फेफना शशिमौली पांडे को निलंबित करने के बाद इंस्पेक्टर राजीव कुमार मिश्र को फेफना थाने की कमान सौंपी है। एसपी ने नए एसओ को निर्देश दिया है कि पत्रकार की हत्या मामले की विवेचना कर तत्काल अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया जाए। मौके पर तनाव के मद्देनजर भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है।

