अल्लाह मेघ दे पानी दे, मऊ में मांगी गई रहमत वाली बारिश की दुआ
मऊ। मानसून की बेरूखी और भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं, ऐसे में मऊ के मुसलमानों ने वृहस्पतिवार की सुबह नगर के मुस्लिम इण्टर कालेज व अंसार ग्राउंड में बारिश के लिए विशेष नमाज़ अदा की और नमाज़ के बाद सैकड़ों हाथ दुआ के लिए उठे, मुसलमानों ने अल्लाह से दुआ की कि जल्द बारिश हो ताकि राहत मिल सके। भीषण गर्मी में मनुष्य ही नहीं पशु-पक्षी भी परेशान हैं। मऊ की धरती बारिश के लिए तरस रही है मानसून की दस्तक न होने से हर तरफ त्राहि-त्राहि का माहौल है बिजली कटौती से भी लोग बेहाल हैं ऐसे में जमीयत अहले-हदीस मऊ की तरफ विशेष नमाज़ और दुआ का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया
इस अवसर पर विशेष नमाज़ अदा करने के बाद मौलाना रफीक अहमद सल्फी ने अपने संबोधन में कहा कि बारिश ना होना और जमीन से वाटर लेवल का कम होना हमारे गुनाहों की तरफ एक इशारा है। उन्होंने कहा कि आज अगर हम परेशान हैं तो हम अपने गुनाहों की वजह से, हम गरीबों का हक मार रहे हैं, लोगों पर जुल्मों सितम कर रहे हैं इसलिए ईश्वर ने बारिश को सजा के तौर पर रोक रखा है। हमारे गुनाहों की वजह से इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी परेशान हैं और फसलें बर्बाद हो रही हैं इसलिए आज हम सब सच्ची तौबा करके अपने रब के सामने गुनाहों की माफी मांगें।उन्होंने ने अल्लाह से दुआ करने के ये उम्मीद जताई कि जल्द ही बारिश होगी और लोगों को राहत मिलेगी क्योंकि अल्लाह के दरबार में देर है अंधेर नहीं।

