विश्व कैंंसर दिवस पर शारदा नारायन हास्पिटल में जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
मऊ। विश्व कैंंसर दिवस के अवसर पर शारदा नारायन हास्पिटल में शारदा नारायन वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वाधान में एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए डा0 संजय सिंह ने कहा कि जैसे जैसे हमारा जीने का लाइफ स्टाइल चेंज हो रहा है वैसे वैसे हम नये नये बिमारीयों को जन्म दे रहे है इसका सबसे बडा कारण खाने पीने में बदलाव, रहन सहन में बदलाव। कैंसर एक घातक व जानलेवा बिमारी है कैंसर के मरीज जल्दी ठीक नहीं होते क्योकि इसके लक्षणों का पता देरी से चलता है अगर समय रहते इस बिमारी का पता नही चला तो ये बिमारी एक भयावह रूप धारण कर लेती है। कैंसर के मरीजों की बढती संख्या को देखते हुए मऊ के लोगों के लिए कैसर के दो डाक्टरों की टीम डा0 सुहास आग्रे कैंसर रोग विशेषज्ञ व डा0 अमित बी0 चक्रवर्ती कैंसर सर्जन जो मुम्बई जैसे बड़े शहरों से चलकर शारदा नारायन हास्पिटल में महिने के तिसरे रविवार को अपनी सेवा दे रहे हैं। आगे डा0 सिंह ने कैंसर के कारण के बारे में बताया की नशा सेवन करना जैसे गुटखा, खैनी,शराब,बीडी,सिगरेट आदि से,महीलाओं में ज्यादा गर्भनिरोधक दवाओं के इस्तेमाल से कैसर होता है, मुहँ में छाले पडना,मुहँ का पुरी तरह से न खुलना,लगाता खांसी आना व खांसी में खुन आना,खून की कमी होना,महीलाओं में ब्रेस्ट में गाँठ होना,आदि कैंसर के प्रमुख लक्षण है।
आगे क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डा0 सुजीत सिंह ने कहा कि डाक्टर के पास तब तक नही जाता है जब तक की कैंसर एक बडी रूप ना लेले।इसके अतिरिक्त कभी कभी कैंसर ग्रस्त श्राप पीडि़त मानकर उनके परिवार वालो द्वारा उनका त्याग कर दिया जाता है लोगो में मिथक है कि कैसर एक छूत की बिमारी है जो पूर्णतहः गलत है। अतः कैसर के प्रति हमें जागरूक रहने की अवश्यकता है ताकी हम इसके प्रारम्भिक लक्षणों को पहचान कर उचित समय में इसका इलाज करा सके। इसी अवसर पर डा0राहुल कुमार ने बताये की कैंसर की बिमारी लोगों को हड्रडी में भी होता है बस इसे पहचानने में लोग देरी कर जाते है और वह भयावह रुप ले लेता है।
इस अवसर पर रोटरी क्लब के पूर्व सचिव अजीत सिहं, समाज सेवी सचिन्द्र सिंह, डा0 सतीश सिह, डा0गुलाम, शिवकुमार सिहं, विपिन, जयप्रकाश, मनीष, आदि लोग उपस्थित रहे।

