अवसर साहित्य पाठशाला नए लेखकों के लिए मार्गदर्शक है : सिद्धेश्वर
आकार में लंबी लघुकथा कहानी के करीब जाकर खड़ी हो जाती है!:डॉ योगेंद्रनाथ शुक्ल पटना । 18/06/23! लघुकथा की बारीकियों
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आकार में लंबी लघुकथा कहानी के करीब जाकर खड़ी हो जाती है!:डॉ योगेंद्रनाथ शुक्ल पटना । 18/06/23! लघुकथा की बारीकियों
Read Moreमऊ ।साहित्यिक संस्था उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के प्रधान संयोजक सुविख्यात हास्य कवि सर्वेश अस्थाना द्वारा स्थानीय जनपद के चिरैयाकोट
Read More० केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह व राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय सहित कई अतिथि रहे
Read More@ रिया अग्रवाल, फरीदाबाद, हरियाणा… पीड़ हो जाए हद से पारकष्ट करें मुझसे प्यारदुःखी मन करे पुकारनेह आंचल बन छा
Read More@ मनोज कुमार सिंह… हे श्रेष्ठ, सर्वोत्तम, महान और बुद्धिमान मानव !कहाँ रहते हो आजकल ?कहीं दिखते नहीं हो,अनगिनत अत्याधुनिक
Read More@ किशोर कुमार धनावत… ओ मनमोहन! मुरली वाले,तेरा तन नीला बाल काले।तेरे होठों की शोभा निराली,दोनों नयन बड़े मतवाले।सिर पर
Read More@ साहु रजनीश प्रकाश… मेरे पापा प्यारे पापा,याद आपकी आती है।आंखें मेरी भर आतीं हैं ,पापा क्युं हमें सताते हो।।
Read Moreसंतोष कुमार वर्मा “कविराज”, कोलकाता, पश्चिम बंगाल… सोमेन के पिता रमेश साह मिल में ही काम करके सोमेन और श्याम
Read More@ अंतिमा सिंह “गोरखपुरी”… मादक पवन लेके महकी है बगिया,दिन-दिन बढ़ती बसंत की बहार है।।बौर से लदाये बौराय गये आम्र-वृंद,झूम-झूम
Read More@ अशोक कुमार यादव… पिता प्रतीक है कर्म कापिता प्रतीक है धर्म कापिता है परमेश्वर के रूपपिता प्रतीक है मर्म
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