मानसिक विकृति की देन है जाति की अवधारणा : शांतनु महाराज
मऊ। कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के अदरी मोड़ के निकट स्थित किड्स केयर इंटरनेशनल स्कूल में सोमवार को पहुंचे मानस कथा मर्मज्ञ आचार्य शांतनु महाराज ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न समाचार पत्रों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करते हुए कहा कि आज आवशयक है कि हिंदी, हिन्दू एवं भारत का उत्थान हो। देश के अमर बलिदानियों द्वारा देखे गए सपनो के भारत को छिन्न भिन्न करने के लिए देश के भीतर मौजूद कुछ लोग लगातार अनर्गल प्रलाप कर एक भारत, श्रेष्ठ भारत की राह में रोड़ा बनने का कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारवार्ता के दौरान उन्होंने हिंदी के उत्थान पर विशेष ध्यान देने की बात करते हुए कहा कि हिंदी को प्राथमिक भाषा के रूप में उपयोग करना देश के प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। देश के विभिन्न प्रांतो में रहने वाले लोग अपनी स्थानीय भाषा कन्नड़, मलयालम, तेलगु, पंजाबी, बुंदेली, भोजपुरी,अवधी का प्रयोग का प्रयोग करें। भारत में जाति व्यवस्था पर आधारित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश में वर्ण आधारित व्यवस्था रही है। जाति की अवधारणा मानसिक विकृति की देन है। छुआछूत पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश रहा है, जहां मर्यादा पुरुषोत्तम राम एवं निषाद राज गुह्य, कृष्ण एवं सुदामा एक गुरुकुल में दीक्षा ग्रहण किये। वर्तमान परिवेश में भी यह व्यवस्था चली आ रही है। गुरु यदि किसी भी कुल का हो तो वह प्रणम्य होता है, यही मनोभाव चिकित्सक एवं अन्य योग्य व्यक्तियों के साथ भी प्रत्येक सनातनी का होता है। पत्रकार वार्ता से पहले स्कूल परिसर में पहुंचने पर आचार्य शांतनु महाराज का किड्स केयर इण्टरनेशनल स्कूल मऊ में पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान नीरज सिंह ”पिंटू”, भाजपा नेता गनेश सिंह, पवन राय, जितेश पांडेय, सोनू दुबे, किड्स केयर इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल लघुता सिंह आदि रहीं। आये हुए अतिथियों के प्रति देवेंद्र मोहन सिंह ने आभार प्रकट किया।

