रचनाकार

हर मुश्किल राहों को आसान बनाने आई हूँ, आशा हूँ मैं आशाओं के गीत सुनाने आई हूँ

( आशा साहनी )

आशा हूँ मैं आशाओं के गीत सुनाने आई हूँ,
दिल में जो समेट लिया वो प्यार दिखाने आई हूँ।
सहज नहीं ये जीवन है
कदम कदम संघर्ष रहा
जाने कितने लोगों से
बातों का विमर्श रहा
अपने दिल की बात सुनो यही बताने आई हूँ,
आशा हूँ मैं आशाओं के गीत सुनाने आई हूँ।
अन्धकार में चलते हैं तो
दीप जलाना पड़ता है
रखकर ढेरों धैर्य सहज ही
कदम बढ़ाना पड़ता है
पथरिले राहों पर मैं तो फूल बिछाने आई हूँ,
आशा हूँ मैं आशाओं के गीत सुनाने आई हूँ।
नयन अश्रु से जब भी
बोझिल हो जाते हैं राहों में
होठों पर मुस्कान सहेजे
रहती खुशियों के बाहों में
हर मुश्किल राहों को आसान बनाने आई हूँ,
आशा हूँ मैं आशाओं के गीत सुनाने आई हूँ।

आशा साहनी
फतेहपुर ताल नरजा
मऊ उत्तर प्रदेश

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