मऊ के प्रदीप बनें वैज्ञानिक कुछ दिन पूर्व छोटे भाई का कोल इण्डिया में हुआ था सेलेक्शन

■ खुशियों की सौगात
( आनन्द कुमार )
कहते हैं न मेहनत और लगन से किया गया हर प्रयास सार्थक होता है। बस जुनून और इरादा नेक होना चाहिए मंजिल की ओर बढ़ने का। पढ़ाई से लेकर नौकरी तक के सफर में कठिनाइयां और परेशानियां निश्चित ही आती हैं, लेकिन इरादे फौलादी हों और हौसला तूफानी तो सफलता कदम जरूर चुमेगी।
और ये कहावत सच हुई है मऊ के पीसीएफ ( इफको) से मैनेजर पद से रिटायर कपूर चंद्र वर्मा व उनकी धर्मपत्नी फूलवंती वर्मा के आंगन में। जैसे सूचना मिली की उनका बड़ा बेटा प्रदीप वर्मा का चयन जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया में जियोसाइंटिस्ट के पद पर हो गया है पूरा घर सहित मित्र, रिश्तेदार सभी खुशी से झूम उठे। वर्तमान में मऊ के मुसरदह के कृष्ण नगर कॉलोनी में अपना बसेरा बना चुके प्रदीप वर्मा के परिजन मूलरूप से बलिया जनपद के ग्राम उचेरा के रहने वाले हैं। इससे पहले प्रदीप ने 2020 में गेट परीक्षा में आल इण्डिया में 20 वां रैंक लाकर इतिहास रचा था। और आईआईटी खड़गपुर से एमएससी जियोलाजी, नेट जेआरएफ क्वालीफाई के साथ साथ ही आईआईटी रूड़की में पीएचडी के लिए 2019 में सेलेक्ट हो गये। वे 2009 में हाईस्कूल व 2011 में इण्टरमीडिएट सीबीएसई बोर्ड से पास हैं। शुरु से मेद्यावी प्रदीप वर्मा ने अपने मन को सदैव शान्त रख अपनी सकरात्मक सोच की बदौलत ही अपने लक्ष्य पर निशाना साधा। पढ़ाई और नौकरी के बीच वो कई परेशानियों से जूझते रहे लेकिन कभी ना हार मानी और ना ही निराश हुए। वैज्ञानिक (जीएसआई) में चयन से पहले उन्होंने 12 साक्षात्कार वर्ष 2018 से लेकर वर्ष 2021 तक दिए।
प्रदीप प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। और पठन-पाठन करने वाले छात्र-छात्राओं को अपने संदेश में कहते हैं कि अपने जीवन में अपना सर्वश्रेष्ठ करने के लिए हमेशा सत्य की राह पर चलना चाहिए।
अपनी असफलता पर कभी निराश नहीं होना चाहिए, लाइफ में फेल होना भी जरूरी है ताकि हम अपनी कमियों को पहचान सकें।
वो आगे बताते हैं।कड़ी मेहनत से कुछ भी हासिल कर सकते हैं। अभिभावकों से अपील करते हुए वो कहते हैं कि परिवार को हमेशा अपने बच्चों का समर्थन करना चाहिए अगर वो प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करना चाहता है। क्योंकि बड़ी चीज हासिल करने में समय लगता है। तैयारी करते समय कुछ कमाने की कोशिश करें जैसे निचली कक्षाओं के छात्रों को पढ़ाना क्योंकि यह आपको वित्तीय स्थिरता देता है।


उन्होंने कहा कि मेरी तैयारी के समय में माँ ने हमेशा मेरा साथ दिया है। आज मैं जो कुछ भी हासिल करता हूँ सिर्फ उनके समर्थन और शाश्वत प्रेम के कारण। अपने आदर्श के रूप में प्रदीप ने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को बताया कहा कि उनका समर्पण, नेतृत्व और कठिन परिस्थितियों में शांत रहना मुझे बड़ी चीजें हासिल करने की प्रेरणा देता है, जो लोग कठिन समय में आपकी आलोचना करते हैं, वे आपकी सराहना करेंगे, जब आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते हैं।

वैसे भी कपूर चन्द्र वर्मा के लिए वर्ष 2021 कम सौगात लेकर नहीं आया। बड़े बेटे को वैज्ञानिक बनने की खबर 30 जुलाई 2021 को मिली तो छोटे बेटे संदीप वर्मा का चयन मैनेजमेंट ट्रेनी इन कोल इंडिया लिमिटेड में 15 मार्च 2021 में हुआ। संदीप फ़िरोज़ गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग से कंप्यूटर साइंस में बीटेक हैं। जबकि प्रदीप व संदीप के बड़े भाई पवन वर्मा फार्मा कम्पनी जेएसएस प्राइवेट लिमिटेड में असिस्टेंट मैनेजर हैं।
दोनों भाईयों की सफलता पर बधाई देने वालों में प्रमुख रुप से पूर्व विधायक संग्राम यादव, दीनानाथ वर्मा, डूडा के पूर्व परियोजना निदेशक हरे राम यादव, रमेश वर्मा, श्रीमती रीता वर्मा, श्रीमती अनिता वर्मा, राधेश्याम मौर्या, मानसी बरनवाल, हरिशंकर मौर्य, कुसुम वर्मा, प्रभाकर यादव, सुभाष वर्मा, राजू, प्रिया, सागर विश्वकर्मा, अभिनव कुशवाहा, वन्टी वर्मा, नंदू विश्वकर्मा, प्रभाकर विश्वकर्मा, अमित यादव, राजीव सिंह, अंशु सिंह, प्रतीक पांडे, नेहा गुप्ता, पीयूष त्रिपाठी, प्रेम चंद्र भारती, अजय पटेल, मधु भागेल, सतीश कुमार, अमलेश कुशवाहा, राहुल दास, करुणा निधि, सनम वर्मा, आलोक वर्मा, मृत्युंजय विश्वकर्मा, सत्येंद्र सिंह, धीरज वर्मा, पूजा वर्मा सहित पड़ोसी, मित्र, रिश्तेदार शामिल रहे।



