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PPE किट को इधर उधर खुले में न फेकें, बढ़ता है संक्रमण का खतरा : CMO

मऊ। कोविड-19 का सामुदायिक संक्रमण बढ़ गया है। वहीं कोरोना के खिलाफ जंग में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों, अस्पतालों व अन्य कार्यस्थलों के स्टाफ को सुरक्षित बनाने में पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (पीपीई किट) की बड़ी भूमिका है, बशर्ते इस्तेमाल के बाद उसका सही तरीके से निस्तारण किया जाए। इस्तेमाल के बाद इधर-उधर खुले में छोड़ देने से संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। अस्पतालों, एम्बुलेंस, एयरपोर्ट और यहाँ तक कि श्मशान घाटों तक पर खुले में फेंकी गयी पीपीई किट के बारे में चिकित्सकों का साफ कहना है कि ऐसा करके हम खुद को बचा नहीं रहें हैं, बल्कि अपने साथ ही दूसरों को भी मुश्किल में डालने का काम कर रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि इस्तेमाल की गयी पीपीई किट से कम से कम दो दिन तक संक्रमण का पूरा खतरा रहता है। इसलिए किट का चाहे मास्क हो या गाउन उसको कदापि इधर-उधर न फेंके बल्कि उसके लिए निर्धारित ढक्कन बंद पीली डस्टबिन में ही डालें और सभी अस्पतालों को भी चाहिए कि इस बायो मेडिकल वेस्ट (अस्पताल के कचरे) के निस्तारण की व्यवस्था दुरुस्त रखें। उनका कहना है कि ऐसा देखने में आया है कि कुछ लोग किट को इस्तेमाल के बाद इधर-उधर फेंक देते हैं जो कि बहुत ही गंभीर मामला है। ऐसे लोगों के खिलाफ तो आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि इससे जहाँ संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, वहीँ इसका सीधे तौर पर पर्यावरण पर भी असर पड़ता है जो कि लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकता है। अस्पतालों ने वैसे इस काम को एजेंसियों के जिम्मे कर रखा है जो कि कचरे को निस्तारित करने के लिए इन्सीनरेटर मशीनो के द्वारा इसका समुचित निस्तारण होता है ताकि किसी तरह के प्रदूषण का खतरा न रहे ।

नोडल अधिकारी डॉ आरके झा ने बताया कि इसके लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बाकायदा गाइड लाइन जारी की है कि पीपीई किट के इस्तेमाल और निस्तारण में किस तरह से सावधानी बरतनी है। उसके मुताबिक़ ही इसके निस्तारण में सभी की भलाई है।

डॉ आर के झा ने बताया कि देश में इस समय रोजाना लाखों पीपीई किट का इस्तेमाल हो रहा है और यह एक बार ही इस्तेमाल के लिए हैं। इसलिए इस्तेमाल के बाद इसको मशीन के जरिये ही नष्ट किया जाना सबसे उपयुक्त तरीका है।
उन्होंने ने बताया कि अगर कोई भी पीपीई किट को इस्तेमाल के बाद इधर-उधर खुले में फेंक देगा तो उसका यह कृत्य कोरोना से इस लड़ाई को कमजोर बना सकता है। इसलिए खुद के साथ दूसरों को भी सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है कि एक जिम्मेदार नागरिक की भांति इस्तेमाल के बाद किट को ढक्कन बंद डस्टबिन में ही डालें।

पीपीई किट में क्या-क्या है शामिल…


इस किट में सिर से पाँव तक को पूरी तरह से कवर करने का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें सिर को ढकने के लिए कैप,गागल्स/फेस शील्ड, ट्रिपल लेयर मास्क, ग्लव्स, गाउन (एप्रन के साथ व एप्रन के बिना दोनों तरह से) और शू कवर शामिल हैं। इसमें से कोई भी चीज को इस्तेमाल के बाद खुले में फेंकने पर पूरी तरह से मनाही है, क्योंकि इसके संपर्क में आने से कोई भी संक्रमण की जद में आ सकता है।

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