खास-मुलाकात: ‘मऊ की बहू पूजा का नाम नहीं काम बोलता है’
( आनन्द कुमार )
चेहरे पर चमक, बुलंद हौसले और मजूबत इरादे यूं तो इनका नाम पूजा है, लेकिन पूजा की पहचान उनके नाम से नहीं बल्कि उनके काम से है.

क्योंकि हमेशा नाम से ज्यादा काम बोलता है. और आज पूजा अपने काम की वजह से लोगों के दिलाों में बस गई हैं. खासकर उन लोगों के जो समाज के निचले तबके से हैं या आर्थिक रूप से कमजोर हैं.

कहते हैं ना कामयाबी के शिखर तक का सफर आसान नहीं होता, उम्र, समाज और सोच कई तरह की बाधाएं रास्ता रोकती हैं…लेकिन बुलंद हौसलों से हर मुश्किल को मात देने का जो जज्बा पूजा के अंदर है वो काबिले तारीफ है.
पूजा अब इस समाज को संवारने का बीड़ा उठा चुकी हैं. और समाज सेवा का निरंतर भाव लिए आम जनमानस के बीच निकल पड़ी है. मऊ जनपद की सामान्य परिवार से आने वाली पूर्व ब्लाक प्रमुख विजय नारायण राय की की बहू पूजा राय से फोन पर जब मैं ‘आनन्द कुमार’ वार्तालाप किया तो उन्होंने बताया कि वे जनपद के ही किड्स किंग्डम स्कूल में अध्यापिका हैं. साथ ही ‘गूंज एक गुहार सेवा समिति’ नाम से जनपद में एक एनजीओ का संचालन भी करती हैं.
तो चर्चाओं का दौर चल निकला और बातों-बातों में ही इस शख्सियत की सोच और दूरदृष्टिता ने मुझे काफी कुछ सीखने और समझने का मौका दिया. जिसको मुझे आज अब सबके साथ साझा करने में काफी गर्व महसूस हो रहा है.

पूजा राय ने बताया की वे मऊ के शिल्पी विकास पुरुष केन्द्र सरकार के पूर्व मंत्री स्व. कल्पनाथ राय व अपने श्वसुर विजय नारायण राय पूर्व ब्लाक प्रमुख को अपना आदर्श मानती हैं और उनके ही पदचिन्हों पर चलकर समाज के लिए कुछ करना चाहती हैं. कहा कि मऊ के सृजनहार स्व. कल्पनाथ राय के शोषित समाज व शिक्षा के प्रति कुछ अधूरे सपनों को अपने प्रयासों से पूरा करना चाहती हूं. पूजा के सामाजिक कार्यों के प्रति उनके पति राकेश राय भरपूर सहयोग करते हैं वे एन.बी.ए.आई.एम. कुशमौर में कार्यरत हैं.
पूजा अपने परिवार की जिम्मेदारियों को तो बखूबी एक बहू के रूप में निभा ही रही हैं. बल्कि समाज को संवारने का भी काम पूरे दिल से कर रही हैं. पूजा नियमित तौर पर गरीब, दलित, मूसहर और राजभर बस्ती में जाकर लगभग 400 से 450 बच्चों को विगत 3 सालों से निरंतर मुफ्त शिक्षा देने का कार्य कर रही हैं.
साथ ही साथ किसी मजबूर मजलूम को अगर रक्त की आवश्यकता पड़ जाती है तो यह उन्हें मौके पर मुफ्त खून भी दिलाने से पीछे नहीं हटती. अभी हाल ही में मऊ जनपद के शारदा नारायण हस्पताल में थैलेसेमिया रोग से ग्रसित रोगियों को लगभग 70 से 80 यूनिट खून दिलाने का कार्य कर चुकी हैं, पूजा राय कहती हैं बाधाएं तो कई पड़ी इन रास्तों पर निकलने से पहले लेकिन उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति मुहिम के तहत भी इन्होंने जुड़कर जो जनपद मऊ में हर विद्यालय और गांव के चट्टी चौराहों पर जाकर जो छोटे बच्चियों लड़कियों में आत्मरक्षा के गुण सिखाना तथा आत्म सम्मान से जीने का उमंग भरने का कार्य किया इस चीज की भी जितनी प्रशंसा की जाए कम है जिसके लिए इन्हें जनपद के जिला अधिकारी अमित सिंह बंसल द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।


आप सबको यह भी बता दूं कि पूजा राय सिर्फ और सिर्फ समाजसेवा का भाव लेकर इसलिए निकलीं ताकि विकास पुरुष स्वर्गीय कल्पनाथ राय के जो सपने अधूरे रह गए उनकी कुछ चाहते जो पीछे छूट गईं उन्हें जितना हो सके उतना पूरा कर सकें.
अपना मऊ की टीम मऊ पूजा राय की इस काबिले तारीफ पहल की तहे दिल से स्वागत करता है और उनको अपनी इस सफर के लिए शुभकामनाएं और बधाई भी देता है।



