भारत सरकार के राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सलाहकार से मिले बाबा, पिछड़े वर्ग की समस्याओं पर दिया ज्ञापन


दिल्ली। निर्भया सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मिश्र ” बाबा ” वैसे तो सभी समय, सबसे पूछ-पूछ कर सहयोग करते है, परंतु सही है कि भारत में पिछड़े वर्ग की बहुतायत जातियों की संख्या के निमित्त शुक्रवार को नारी शक्ति के दिन बाबा ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली जाकर सलाहकार राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग रामायण यादव को ज्ञापन पत्रक दिया व तत्काल प्रभाव से अपनी मांगों के निस्तारण पर सक्रियता दिखाने की बात कही ।
ज्ञापन द्वारा मांगी गई मांग में
1 ) पिछड़े वर्ग में शामिल होने के लिए आवेदन कर लड़ाई लड़ रही जातियों को उचित संज्ञान व न्याय प्रदान करते हुए उन्हें पिछड़ी जाति में शामिल किया जाए ।
2 )
देश भर में कहीं भी, किसी भी पिछड़ी जाति ( महिला / पुरुष ) के लोगों का उत्पीड़न हो रहा है तो उसे तत्काल प्रभाव से रोककर पीड़ित को तुरंत न्याय दिलाया जाए ।
3 )
प्राथमिकता से उत्तर प्रदेश , बिहार , मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व गुजरात पर विशेष ध्यान देते हुए पीड़ित को न्याय दिलाते हुए उत्पीड़न करने वाले को सख्त से सख्त सजा मिले ।
अपने अनगढ़ कार्यों, निर्णय व कुछ अलग हटकर कार्य किए जाने वाले माननीय बाबा जी एक अलग ही तरीके के सिंह – शायर व सपूत हैं।
इसमें न कोई शक है न संशय कि देश भर में पिछड़ी जातियों की संख्या बहुतायत है, खास तौर से निर्भया सेना में ।
इसके मद्देनजर बाबा जी ने भी विशेष जोश-जज्बे के साथ राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में अपने ज्ञापन को सौंपा ।
सबके साथ के साथ ही अपनों के साथ के लिए कुछ भी कर गुजरने वाले बाबा जी ऐसे ही नहीं हर किसी के दिल पर राज करते हैं।

श्री बाबा के जुझारूपन को देखकर मुझे पूर्वांचल के विकास पुरुष कल्पनाथ राय की याद ताजा हो जाती है ।
हालांकि बाबा अपना आदर्श कल्पनाथ राय को मानते हैं व उनसे प्रेरित रहते हैं।
कल्पनाथ राय की भांति ही बाबा जी हर कीमत पर हर हाल में अपनों के लिए हर पल समर्पित रहते हैं ।
लव कुश की धरती एवं निर्भया सेना की जन्मस्थली मऊ का ही मैं भी मूल निवासी हूँ, इस वजह से मऊ को प्रगति करते हुए देखना आनंददायी भी लगता है।
अपितु बाबा का दूर-दूर तक किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति से कोई सरोकार नहीं है लेकिन कई विषयों पर मोदी जी को पसंद करते हैं, खास तौर से बड़े एवं कठोर निर्णय लेने के निमित्त ।
शायद यही कारण है कि बाबा जी ने अपनी गाँधी जी पर लिखी पुस्तक माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी को समर्पित की है अपितु बाबा कभी भी प्रधानमंत्री मोदी से नहीं मिले और न ही मिलने का कोई प्रयास किया।
बाबा को अपने कार्यों पर भरोसा है, उनके जीवन में कभी भी चापलूसी व जुगाड़ शब्द शामिल नहीं पाया गया ।
संबंधों का निर्वहन हर कीमत पर, हर हाल में करते हैं बाबा जी ।
महाबली के भक्त बाबा ने जो भी दृढ़ निश्चय किया वह करते ही करते हैं परिणाम की चिंता किए बगैर ।
बाबा ने विगत 20 वर्षों के बीच में बहुत सारे अधिकारियों के बीच अपने मर्यादित रिश्तों को कायम रखा है।
गलत करने वाले, चापलूसी करने वाले तो उनके सामने पड़ते ही नहीं ।

निर्भया सेना के मध्य प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव
सह रितेश मिश्र ने कहा कि मैं स्वयं बेहद अभिभूत हूँ कि बाबा सतीश मिश्र का असीम आशीष व संरक्षण मुझे प्राप्त है
आधी आबादी के लिए अपना सब कुछ अर्पित करने वाले बाबा का सपना है कि देश के हर घर से एक दमदार आवाज अवश्य ही निकले कि मैं भी निर्भया सेना का सदस्य हूँ
अब तक के अपने निर्भया सेना के सामाजिक जीवन में अंश मात्र भी किसी भी राजनीतिक व्यक्ति / नेता को निर्भया सेना के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है ।
निर्भया सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों / सदस्यों ( महिला / पुरुष ) को सेना की प्रगति ऊंचाई के लिए जी जान से लग जाना चाहिए।

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