ज्योति सिंह ने मोची, सब्ज़ी व रेहड़ीवालों के बीच बाँटा पानी का घड़ा
मऊ। चिलचिलाती धूप और चलती लू की थपेड़े, सड़क पर वही लोग, आ और जा रहे, जिसको कोई काम है, वर्ना अधिकतर घरों में क़ैद, फिर भी उन्हें तो निकलना ही पड़ेगा, जिनका जीवन ही फुटपाथ पर गुजरता है, क्या गर्मी क्या बरसात पेट के लिए परिवार के लिए तो काम करना ही पड़ेगा। काम तो सभी करते हैं लेकिन फुटपाथ का जीवन कैसा होता है इसका अंदाज़ा हर किसी को होता है।
लू, गर्मी में जहां पूरे घर को एयर टाइट करके हम सब छुप कर रह रहे ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी है जो इस मौसम में भी अपनी आजिविका चलाने के लिए परवाह न करते हुए अपना काम करते रहते हैं। ऐसे में ऐसे लोगों का कोई परवाह करें तो कम नहीं है। इसी ओर सदैव कुछ अलग करती रहती सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हुई ज्योति सिंह एक कदम बढ़ाते हुए इस गर्मी में ऐसा पहल किया जिसकी प्रशंसा तो बनती है।ज्योति सिंह ने फुटपाथ पर मोची, सब्ज़ी, फल, चाय, समोसा बेचने वाले रेहड़ी वालों को मिट्टी का घड़ा दिया। उन्होंने कहा कि वे प्रायः देखती हैं कि ये लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए बोतल मे रख कर पानी पीते हैं। जो काफ़ी गर्म हो जाता है। उनका यह छोटा सा प्रयास है इस तपती गर्मी से शायद कुछ थोड़ा सा निजात दिला सके। इस अवसर पर शारदा त्रिपाठी भी कदम से कदम मिलाकर साथ रही।










