सावधान : यह मऊ पुलिस है पत्रकार को नहीं पहचानती, आम आदमी को क्या जाने ?
मऊ। दैनिक आज समाचार पत्र के ब्यूरोचीफ व पत्रकार ऋषिकेश पाण्डेय के साथ हुए दुर्व्यवहार पर पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मण्डल शुक्रवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हरिद्वार राय के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिलकर इस घटना के बावत ज्ञापन सौंपा व घटना की उच्च स्तरीय जाँच कराने की मांग किया
यूपी पुलिस का एक स्लोगन है “हम है न” ये स्लोगन पुलिस आम आदमी के साथ अपने को जोड़ने , उसको सुरक्षा का एहसास दिलाने के लिए इस्तेमाल करती है लेकिन यदि सावधान रहिये मऊ में यूपी पुलिस यह स्लोगन अपराधियो में भय के लिए नही बल्कि आम आदमी में भय के लिए इस्तेमाल कर रही है । जी हां हम बात कर रहे है मऊ जिले की पुलिस की जिसकी मनमानी का आलम यह है कि यदि रात में आप निकलते है तो चोरो से नही बल्कि आपको इनसे सतर्क रहने की जरूरत है आम आदमी का क्या पत्रकार तक इनसे सुरक्षित नही है बीती रात 15 जनवरी 2020 की रात करीब 1 बजे को आज अखबार के ब्यूरो चीफ ऋषिकेश पांडेय अपने मऊ घर दुलहपुर के लिए निकले थे तभी बुनकर कालोनी के पास मोटर साइकिल पर सवार दो पुलिसकर्मी ने उनका रास्ता रोकते हुए उनसे बदसुलूकी किये और उनका पॉकिट चेक करते हुए मोबाइल छीन लिए जब पांडेय जी ने अपना परिचय देते हुए अपना परिचय पत्र दिखाया तो उन्होंने कहा कि ये नकली है अपना आधार कार्ड दिखाओ तथा काफी बत्तमीजी किये । इसको लेकर जब पत्रकार ॠषिकेेेश पांडेय ने एसओ सरायलखंसी तथा एसपी को फोन करते रहे लेकिन उन्होंने कोई जवाब नही दिया और नही कॉल का जवाब दिया ।इस घटना को लेकर जिले के पत्रकारों में बहुत ही रोश है । इस घटना को लेकर जिले के पत्रकारों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमे मुख्य रूप से जगदीश सिंह, सदा ऋषिकेश पांडेय, अमित त्रिपाठी, आनंद कुमार, रविन्द्र सैनी, विनोद सिंह, किंकर सिंह, बृजराज, अभिषेक मिश्रा, लोकेश राज सिंह, विजय मिश्रा, उमा मिश्रा, जगदीश सिंह, आलोक सिंह, अप्पू सिंह, जाहिद इमाम आदि मौजूद रहे।
