3 अगस्त को DM से मिलेगा किसानों का प्रतिनिधिमंडल, मऊ को सूखाग्रस्त घोषित करने की करेगी मांग
मऊ। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व किसानों के नेता राकेश सिंह ने कहा है कि जिले में जून व जुलाई 2018 में 30% से कम बारिश 25 वर्षों में पहली बार हुई है। अरहर की फसल अंकुरित होने के समय ही सूख गई। धान की रोपाई गत आठ दिनों की बारिश में 50% ही रोपाई हुई है। धान की नर्सरी डेढ़ माह से ऊपर हो गयी है। धान की फसल 120 से 145 दिनों में होती है। अब मात्र 60 दिनों में उपज कैसे होगी? जिले में तालाब, पोखरा, कुँआ, नाला, ताल, तलैया में पानी नहीं है, नहरों-माइनरों में टेल तक पानी नहीं पहुँचा है, राजकीय नलकूप 50 % विद्युत, यान्त्रिक, नाली-कुलाबा दोष से बन्द है, विद्युत आपूर्ति किसानों को रूला रहीहै। सूखे से जिले में 70% क्षति स्पष्ट दिख रही है।
अतः जिले को सूखाग्रस्त घोषित कराने हेतु 03 अगस्त 2018 को 11-00 बजे प्रगतिशील किसानोंं का प्रतिनीधि मन्डल जिलाधिकारी मऊ से मिलेगा। राकेश सिंह ने किसानों से समय से जनपद मुख्यालय के कलेक्ट्रेट में पहुंचने को कहां है ताकि वह अपनी समस्याओं को जिला अधिकारी के सामने रख सके तथा उन के माध्यम से शासन और प्रशासन को ज्ञापन भेज सकें।

