शोक संदेश

नहीं रहें महाकवि सरल, शोक की लहर

महाकवि ऋषिराम त्रिपाठी सरल

गोंडा । गोण्डा के सारस्वत साधक 90 वर्षीय महाकवि ऋषिराम त्रिपाठी सरल बीती रात पक्षाघात के कारण नहीं रहे। विगत चार दिनों से वे जिंदगी के लिए मौत से लड़ रहे थे। डॉ. ओ. एन. पांडेय के नर्सिंग होम में उनका इलाज चल रहा था। कटरा के पास रामापुर में महाकवि सरल की साधना स्थली है। उन्होंने भगवान राम, बाबा झालीधाम, श्री अरविंद सहित कई दर्जन काव्य कृतियों का सृजन उनके द्वारा किया गया है।

बीते दिनों लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में शोध केंद्र द्वारा उनका सम्मान किया गया था और शोध केंद्र के प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र नाथ मिश्र के प्रस्ताव पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रवींद्र कुमार ने डी. लिट्. की मानद उपाधि के लिए शासन और विश्वविद्यालय को प्रेषित करने की बात कही थी।
महाकवि के निधन पर लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रवींद्र कुमार, मुख्य नियंता डॉ. जितेन्द्र सिंह, महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र नाथ मिश्र, मंत्री डॉ. मंशाराम वर्मा, डॉ. जय शंकर तिवारी, हिंदी विभाग, डॉ. पुष्यमित्र मिश्र, रसायन विज्ञान विभाग सहित कई शिक्षकों ने महाकवि के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की और विनम्र श्रद्धांजलि दी।

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