लॉकडाउन : सुनी हो गई शहर की गलियां, खाली हो गई गांव की पगडंडी
■ जिले की सभी सीमाएं सील, बेवहज बाहर बाइक लेकर घूम रहे वाहन चालकों का पुलिस काट रही है चालान
(मुहम्मद अशरफ)
मऊ। देश के प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस को लेकर एक हफ्ते में दूसरी बार राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने विगत 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था, पीएम के अपील के बाद देश की जनता ने 22 मार्च यानी रविवार को जनता कर्फ्यू लगाकर पूरे दिन लोग घरों में रहे और सड़के पूरी तरह से सुनी हो गई थी।
लेकिन जनता कर्फ्यू के दूसरे दिन ही जनता बाहर निकल आयी और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ एकत्रित होने लगी, जिससे कोरोना का खतरा और भी बढ़ गया। कोरोना को बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री ने मंगलवार की शाम 8 बजे राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए सबसे पहले उन्होंने जनता कर्फ्यू की सफलता के लिए देश की जनता का आभार जताया। उसके बाद पीएम ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आधी रात से पूरे देश में 21 सप्ताह के लिए पूरी तरह से लॉक डाउन किया जाता है।
देश भर में लॉक डाउन होते ही चहल-पहल रहने वाली शहर की गलियां पूरी तरह से सुनी हो गई और 14 अप्रैल तक अपने घरों में रहेंगे। लॉक डाउन का ऐलान होते ही मऊ जिला प्रशासन अलर्ट हो गया और सभी सीमाओं को सील करने के साथ-साथ सभी छोटी-बड़ी वाहनों को सीमा के अंदर प्रवेश करने पर रोक लगा दिया। लॉक डाउन एक तरह से कर्फ्यू ही है इसमें कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकलेगा, आवश्यक कार्य पड़ने पर वह व्यक्ति घर से बाहर निकलने की इजाजत दी गई है, कोई भी अनावश्यक बाहर घूमता हुआ दिखाई दिया तो जिला प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगी।
जनपद की सड़को पर सिर्फ पुलिस ही दिखाई दे रही। कोई भी व्यक्ति बाइस से घूमता हुआ दिखाई दे रहा तो पुलिस उसे रोक कर पूछताछ कर रही है, जिसे सही पाये जाने पर उसे जाने दिया जा रहा है और जो भी व्यक्ति अनावश्यक बाहर बाइक लेकर घूमता हुआ पकड़ा जा तो पुलिस चालान काट दे रही। इसलिए आप लोग अपने घरों में रहे, बेवहज बाहर न घूमे। हालांकि सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं की दुकानें जैसे में सब्जी, फल, पेट्रोल पम्प, किराना, मेडिकल व हॉस्पिटल इत्यादि खोलने की इजाजत दिया है और अन्य दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है।
वैसे तो सरकार और प्रशासन की सख्ती के चलते मऊ जनपद का ग्रामीण सहित शहरी इलाकों का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा सुनसान और शांत हो गया है। लेकिन कुछ ऐसे लोग जो अभी भी सरकार की मंशा को तवज्जो नहीं दे रहे हैं वह बिना मतलब के गली और सड़क पर टहलते हुए नजर आ जा रहे हैं। ऐसे लोग न सिर्फ प्रशासन की आंख में धूल झोंक रहे हैं बल्कि अगर कहीं किसी पुलिस वाले से भेंट हो जा रहा है तो, वह यही बता रहे हैं कि वह घरेलू सामान लेने निकले हैं। वैसे तो घरेलू सामान लेने वाले लोग जो वास्तव में अपने सामानों को शांतिप्रिय तरीके से खरीद कर घर में रख ले रहे हैं। लेकिन जो सरकार के फैसले के प्रति गंभीरता से नहीं ले रहे हैं वह अपने सड़कों पर आवाजाही बनाए हुए हैं। ऐसे में पुलिस न सिर्फ ऐसे लोगों को चिन्हित कर रही है बल्कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही हैं। जबकि हर गली मोहल्ले में जरूरत के सामानों का दुकान खुला हुआ है किसी भी व्यक्ति को बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। इन सामानों को खरीदने के लिए नहीं वाहन से निकलने की जरूरत ही नहीं है लेकिन लोग हैं कि मान नहीं रहे है। प्रधानमंत्री के 21 दिन के लाकॅ डाउन घोषणा का यह पहला दिन है और वह दिन दूर नहीं होगा कि कि जब ऐसे अशांतिप्रिय लोगों से प्रशासन और शासन सख्ती से निपट कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। यह नहीं जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी व कई अन्य स्थानों पर पुलिस ने बेवजह घूम रहे लोगों को रोककर ना सिर्फ उनको कान पकड़कर उठक बैठक कराई बल्कि कड़ी हिदायत के बाद छोड़ा।
इनसेट…
देखिए कैसे पुलिस ने मऊ में लॉक डाउन का उल्लंघन कर रही युवकों को बीच सड़क पर कराया उठक बैठक
पूरी खबर बस एक क्लिक में ।
कोरोना वायरस को लेकर जनपद में चल रहे lock-out के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर चहल कदमी करने वाले युवकों को पुलिस ने दबोचा और जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सहित अपर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें सपाट खींचने की सजा सुनाई। ताकि अपने अपने घरों में जाकर सुरक्षित रहें यहां का नजारा देख दूसरे मनचले युवक भी भाग खड़े हुए।

