स्वयं सेवक समाज का जागरण कर उन्हें कोरोना वायरस से बचने का उपाय बताएं- जिला प्रचारक
(अशोक जायसवाल)
बिल्थरारोड /बलिया ।पूजनीय सरसंघचालक जी के बौद्धिक के सार को स्वयंसेवक बंधुओं को समझकर उस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है कोरेना जैसी भयंकर त्रासदी में समाज कैसे सुरक्षित और सो अनुशासन व्यवस्थित रहे यह भी जिम्मेदारी हम स्वयं सेवकों की है। उक्त उदगार आरएसएस के सरसंघचालक का ऑनलाइन संदेश के बाद संघ के जिला प्रचारक रसड़ा गोरक्ष प्रांत राजीव नयन व्यक्त कर रहे थे।
उन्होंने स्वयं सेवकों का आह्वान करते हुए कहा कि हम समाज का जागरण कर उन्हें कोरोना वायरस से बचने का उपाय बताएं ताकि वह स्वयं और परिवार को जागृत करें। कहा कि महाराष्ट्र में हुए पूज्य संतों की निर्मम हत्या पर भी पूजनीय सरसंघचालक जी ने दुख प्रकट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दिया है और इस परिस्थिति में समाज के चैतन्य जागरूक वर्ग के लोगों को समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता करने की आवश्यकता है। यह भयंकर त्रासदी हमें स्वाबलंबन सो अनुशासन स्वधर्म व स्वदेशी पर विशेष ध्यान देने की सीख देता है। कहा कि सभी स्वयंसेवक व समाज के बंधु भी इन बिंदुओं पर अवश्य ध्यान दें और समाज को परिवार को देश को जागरूक बनाकर प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को जागरूक हो व समाज को जागरूक करें। कहा कि ऐसी अपेक्षा पूजनीय सरसंघचालक जी की है। आशा व्यक्त की कि सभी बंधु अवश्य आज रविवार को जो पूजनीय सरसंघचालक जी का ऑनलाइन संदेश हम सबको प्राप्त हुआ है वह अपने जीवन में चरितार्थ करेंगे।

