मस्जिदों के इमामो को दहशतगर्दी के विरोध में खुलकर खड़े होने के लिये अवामी जागरूकता अभियान चलाना होगा
मऊ। मदरसा मिफ्ताहुल उलूम में सोमवार को मुस्लिम धर्म गुरुओं, व्यापारियों, सामाजिक और राजनैतिक लोगो की एक महत्त्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मत्ति से पुलवामा आतंकी हमले की निंदा करते हुए शहीद जवानों की आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना की गई। बैठक में इस प्रकार के कायरतापूर्ण हमलों के जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की बात कही गयी।
बैठक में निर्णय हुआ कि सभी मस्जिदों के इमामो को दहशतगर्दी के विरोध में खुलकर खड़े होने के लिये अवामी जागरूकता का अभियान चलाना होगा।
ये भी निर्णय हुआ कि आगामी 22 फरवरी को *मऊ नागरिक मंच* के बैनर तले जुमा बाद 2 बजे दिन में शाही कटरा सहन में एक आतंकवाद विरोधी शोक सभा का आयोजन किया जाए। इस सभा मे सभी धर्मों के धर्म गुरुओं के साथ साथ सभी राजनीतिक दलों को भी आमंत्रित किया जाए।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमान पाकिस्तान से अधिक सुरक्षित हैं, हमारे अंदरूनी मामलात में पाकिस्तान की मदाखलत कत्तई बर्दाश्त नही की जासकती है। पाकिस्तान की करतूत से पूरे दुनिया के मुसलमान बदनाम होते हैं।
अंत मे मऊ नागरिक मंच के संयोजक मुफ़ी अनवर अली साहब ने बैठक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सबका आभार व्यक्त किया। मीटिंग में मौलाना खुर्शीद मिफ्ताही, मौलाना मज़हर सल्फी, मौलाना सुफियान, मौलाना सरफ़राज़ फ़ैज़ी, ओवैस तरफदार, पालिकाध्यक्ष तय्यब पालकी, पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल, उज़ैर गृहस्थ, हाजी महफूज़ जनता, मौलाना मसिहरह्मान इत्त्यादी ने अपने विचार व्यक्त किये।बैठक की अध्यक्षता मौलाना आज़म साहब और संचालन मौलाना इफ्तेखार साहब ने की।

