अपना जिलाचर्चा में

प्रोफेसर, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, व्यापारी, बुनकर सभी एक स्वर में बोले बाहरी कत्तई नहीं

● घोसी का संग्राम : बाहरी प्रत्याशी स्वीकार करने के मूड में नहीं दिख रही मऊ की जनता

मऊ। इस बार मऊ लोकसभा की जनता का मूड कुछ अलग ही दिख रहा है जो किसी भी पार्टी की जीत का समीकरण बिगाड़ सकता है इस बार मऊ की जनता जात-पात, धर्म और पार्टी से ऊपर उठकर सिर्फ स्थानीय प्रत्याशी को वरीयता देने की बात कर रही है।
मऊ के घोसी लोकसभा की जनता किसी भी दशा में बाहरी प्रत्याशी स्वीकार करने के मूड में नहीं दिख रही, प्रत्याशी को लेकर सोशल मीडिया पर हर तरफ से विरोध जारी है। लोगों की बस एक ही आवाज है कि किसी भी पार्टी का कोई भी प्रत्याशी हो वह स्थानीय होना चाहिए।जिससे कि मऊ की जनता का दुख दर्द समझे और शहर का विकास हो।
सोशल मीडिया पर स्थानीय प्रत्याशी के नाम पर एक बहस सी छिड़ गई है सोशल मीडिया पर लिखे गए कमेंट्स को देखा जाए तो लोगों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं दिख रही हैं। कुछ का कहना है मऊ बचाना है बाहरी भगाना है, किसी की पार्टी आला कमान से मांग है कि एक अदद नेता ही दे दो मऊ के लिए जिस से कि मऊ का विकास हो सके किसी ने स्थानीय नेताओं में अतुल कुमार अंजान, डा. सुधा राय, सालिम अंसारी, मनोज राय, अरशद जमाल, अल्ताफ अंसारी, सुनील गुप्ता, आनन्द प्रताप सिंह आदि के नाम पर भी विचार करने की बात कही है।

इस बारे में जब हमने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी राय ली तो सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद मुर्ति का कहना है कि इस बार हम लोगों को गंभीर होकर इस पर विचार करने की आवश्यकता है और किसी भी दशा में इस बार मऊ से बाहर के प्रत्याशी को वोट नहीं किया जाएगा। पार्टी कोई भी हो उसे स्थानीय प्रत्याशी पर विचार करने की आवश्यकता है, आगे उन्होंने कहा कि मऊ के अधिकतर वोटर इस बार धर्म जाति और पार्टी से ऊपर उठकर मऊ के विकास के बारे में सोच रहे हैं और पार्टी आलाकमान वोटरों का मूड नहीं समझी तो भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
रमन पाण्डेय का कहना है कि आखिर हम लोग कब तक दूसरों के भरोसे विकास की उम्मीद लगाए बैठे रहेंगे अपने शहर का ही प्रत्याशी होना चाहिए।
प्राध्यापक मनोज सिंह का कहना है कि बच्चे और शहर का भविष्य संवारने के लिए स्थानीय को वरीयता दी जाएगी जिस से की मऊ शहर शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में तरक्की करे।
इनकम टैक्स वकील अतुल सिंह व अमरेश सिंह का कहना है कि इस बार पार्टी, धर्म और जाति पर वोट नहीं पड़ेगा जनता जागरूक हो चुकी है और विकास चाहती है विकास स्थानीय प्रत्याशी के द्वारा ही किया जा सकता है जो यहां रहते हुए लोगों का दुख दर्द समझे और मऊ के लिए कुछ नयी सौगात लेकर आए।
सिविल कोर्ट वकील यू.पी राय का कहना है कि अब वह समय आ गया है कि लोग अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए स्थानीय निवासी प्रत्याशी पर बटन दबाकर विजयी बनाएंगे अन्यथा बाहरी प्रत्याशी आने पर नोटा का बटन दबाकर पार्टियों को कड़ा संदेश दिया जाएगा कि अब मऊ की जनता जाग चुकी है किसी भी बाहरी प्रत्याशी को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेगी।
भूगोल प्रवक्ता डा. ऋषिकेश तिवारी का कहना है कि इस बार हमारा वोट उसी प्रत्याशी को जाएगा जो स्थानीय हो पार्टी से ऊपर उठकर शहर के विकास के लिए वोट करना है अगर गठबंधन पार्टी इस भ्रम में है कि किसी भी प्रत्याशी को टिकट दे दे तो जीत जाएगी लेकिन इस बार ऐसा सम्भव नहीं है बाहरी प्रत्याशी को लेकर सभी समीकरण धराशायी हो जाएगा और इस बार मऊ स्थानीय प्रत्याशी को वोट करेगा।

व्यापारी राकेश तिवारी का कहना है कि क्षेत्रीय उम्मीदवार ही घोसी के लिए बेहत्तर विकल्प होगा, सभी दलों को इसपर विचार करना चाहिए। युवा ठिकेदार ज्ञानप्रकाश सिंह का कहना है कि मऊ को कल्पनाथ राय के निधन के बाद योग्य प्रतिनिधि नहीं मिला। राजनैतिक दलों को टिकट देते समय ध्यान देने की जरूरत है। बुनकर फिरोज अहमद का कहना है कि मऊ अब किसी भी किमत पर बाहरी प्रत्याशी स्वीकार नहीं करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *