खास-मेहमानचर्चा में

एक परिंदा यह भी “दूधराज”

( पल्लवी त्रिवेदी )

दूधराज ( एशियन पैराडाइज़ फ्लाईकैचर) मध्यप्रदेश का राज्य पक्षी है। जब जनरल नॉलेज की किताब में पढ़ते थे तो बस कल्पना ही करते थे कि यह रोचक नाम वाला पक्षी कैसा होगा। चित्र होता नहीं था साथ में और उस वक़्त इंटरनेट भी सुलभ न था कि हर जिज्ञासा का समाधान तुरन्त हो जाये।

फिर सालों बीते। दूधराज को भूल गए। एक रोज़ कैमरा पकड़ा और परिंदों की तस्वीरें खींचनी शुरू कर दीं। तब हर परिंदे की जानकारी के लिए किताबें खरीदीं और गूगल से चित्र देखना शुरू किया। तब दूधराज की पहली तस्वीर देखी। झक्क सफेद बदन, चमकीला काला मुंह और बेहद लम्बी पूंछ वाला यह पक्षी असाधारण था। इसकी मादा रूफ़स कलर की बिना पूंछ वाली। तब से इसे साक्षात देखने की तमन्ना मन में पलती रही।

फिर करीब तीन साल बाद बांधवगढ़ में इसके प्रथम दर्शन हुए । देखते ही सांस थमी रह गयी।
दोबारा वनविहार में एक गार्ड ने मुझे रोज़ कैमरा लेकर भटकते देखा और इसका ठिकाना किसी और से शेयर न करने की शर्त पर मुझे दिखाया। नर और मादा दोनों बारी बारी से घोंसले पर बैठकर अंडों की रखवाली कर रहे थे।

घोंसलों के नज़दीक न जाना एक बर्ड फोटोग्राफर का नैतिक दायित्व है। इसे ध्यान में रखते हुए पर्याप्त दूरी से इस अद्भुत जोड़े को डिस्टर्ब किये बिना ज़ूम करके इनकी तस्वीरें लीं।

वो दिन मेरी ज़िन्दगी का एक अविस्मरणीय दिन है

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