डॉ. रत्न प्रभा को वैज्ञानिको की चयन परीक्षा बायो इन्फार्मेटिक्स में मिला देश में प्रथम स्थान
मऊ । बेटियां आज हर क्षेत्र में लड़को से कहीं आगे निकल रही हैं, इसका एक अनुपम उदाहरण डॉ. रत्न प्रभा ने प्रस्तुत किया है। मूलरुप से बलिया अंचल की डॉ. रत्न प्रभा ने राष्ट्रीय स्तर पर कृषि अनुसंधान सेवा (ARS) हेतु वैज्ञानिको की चयन परीक्षा में जैव आसूचना (बायो इन्फार्मेटिक्स) जैसे नवीनतम व कठिन विषय में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल बलिया मऊ अंचल बल्कि पूर्वांचल को भी गौरवन्वित किया है। जो इस अंचल के युवाओ के लिए मिसाल हैं।
डॉ. रत्न प्रभा ने अपनी स्नातकोत्तर शिक्षा वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान व पी.एच्.डी. की पढाई मेवाड़ यूनिवर्सिटी से की है। डॉ. रत्न प्रभा ने अपना आरंभिक शोध कार्य डॉ. डी. पी. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक के मार्ग निर्देशन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के कुशमौर मऊ स्थित शोध संस्थान राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो से किया है। डॉ. रत्न प्रभा द्वारा अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर पर कई शोध पत्र व पुस्तके प्रकाशित की गई है जो कि कृषक समुदाय के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से उपयोगी रहा हैI इन्हें राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर पर कई फ़ेलोशिप, अनुदान व पुरुस्कार प्राप्त हो चुके हैI वर्तमान में डॉ. रत्न प्रभा डी.एस.टी. महिला वैज्ञानिक के रूप में जनपद के कुसमौर स्थित एनबीएआईएम मऊ में तैनात थी जिनका तबादला पटना हो गया है।
इन्होने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी व अनवरत परिश्रम, माता पिता, गुरुजनों के आशीर्वाद तथा डॉ. डी. पी. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक के मार्ग निर्देशन व पति अजय कुमार सोनी, जो कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के रूप में पटना में पदस्थापित है, के सहयोग को दिया है। उन्होंने भविष्य में कृषि के क्षेत्र में निरंतर अनुसंधान कर कृषि को लाभ दायक बनाने हेतु अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है।

