डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ‘मानव अधिकार नई दिशाएं’ के लिए सम्पादकीय सलाहकार सदस्य मनोनीत

आजमगढ़। डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के यूजीसी एचआरडीसी में वरिष्ठ सहायक प्रोफ़ेसर डॉ. कन्हैया त्रिपाठी को मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली द्वारा 2004 से हिंदी में प्रकाशित किए ‘मानव अधिकार नई दिशाएं’ नामक जर्नल के लिए सम्पादकीय सलाहकार सदस्य मनोनीत किया गया है। आयोग द्वारा इस आशय में कहा गया है कि आपके अकादमिक, सामाजिक अनुभव तथा मानवीय मूल्यों के प्रति असीम निष्ठा एवं प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए आयोग ने पत्रिका के सलाहकार मंडल में आपको सदस्य के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया है। विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्म्मानित डॉ. त्रिपाठी मानवाधिकार विषय पर कई शोध-पत्र और पुस्तकों का सृजन कर चुके हैं. साहित्य अकादमी अवार्डी डॉ. नंदकिशोर आचार्य के कुशल मार्गदर्शन में डॉ. त्रिपाठी ‘भारतीय मानव अधिकार आंदोलन’ विषय पर पी-एच.डी. उपाधि से विभूषित हैं। उनके द्वारा किए गए उदहारणीय कार्य के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने एडजन्क्ट प्रोफ़ेसर के रूप में 2020 में ऑफर किया है और उन्हें भारत के राष्ट्रपति के संपादक और विशेष कार्य अधिकारी के रूप में कार्य करने का भी गौरव प्राप्त हुआ है। इस जर्नल में बतौर सम्पादकीय सलाहकार सदस्य डॉ. त्रिपाठी मानव अधिकारों के लिए किए जाने वाले शोध एवं अनुसन्धान को बढ़ावा देने का कार्य करेंगे।
डॉ. त्रिपाठी महेशपुर आज़मगढ़ निवासी श्रीयुत सीताराम त्रिपाठी एवं श्रीमती प्रेमा त्रिपाठी के सुपुत्र हैं। आपने अनेकों राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कार्य किया है। आप अहिंसक सभ्यता के सक्रिय पैरोकार हैं। उनके इस मिशन को संयुक्त राष्ट्र अध्यक्ष ने भी संज्ञान में लिया है। उनके इस सफलता पर आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के कई जनपदों में लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।


