प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्लांटों का डीएम ने किया निरीक्षण
मऊ। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विकासखंड कोपागंज के ग्राम चोरपा खुर्द में संचालित बायो फ्लॉक पाण्ड एवं ग्राम लाड़पुर में संचालित बृहद री सर्कुलर एक्वाकल्चर सिस्टम प्लांट का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के
बायो फ्लॉक पाण्ड की कुल लागत 14 लाख रुपए है, जिसका 60% सरकारी अनुदान के रूप में लाभार्थी को प्रदान की जाती है। इस प्रोजेक्ट हेतु कम से कम 0.1 हेक्टेयर भूमि का होना आवश्यक है।इसी प्रकार बृहद री सर्कुलर एक्वाकल्चर सिस्टम की कुल लागत ₹50 लाख है। इस प्रोजेक्ट के तहत भी लाभार्थी को कुल लागत का 60% सरकारी अनुदान के रूप में प्राप्त होता है। साथ ही कम से कम 0.25 हेक्टेयर की भूमि की आवश्यकता होती है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इन दोनों योजनाओं के संबंध में सहायक निदेशक, मत्स्य विभाग सुश्री रिचा चौधरी से विस्तृत जानकारी लेने के साथ ही लाभार्थियों से मत्स्य उत्पादन से जुड़ी जानकारियों को साझा किया। उन्होंने लाभार्थियों से विगत वर्ष के दौरान कुल लागत के सापेक्ष हुई आमदनी के बारे में भी जानकारी ली। सहायक निदेशक मत्स्य ने बताया कि कुल लागत के सापेक्ष अच्छी तकनीक एवं सतत निगरानी से बायो फ्लॉक पाण्ड योजना से सालाना साढ़े चार से पांच लाख रुपए एवं बृहद री सर्कुलर एक्वाकल्चर सिस्टम योजना द्वारा आठ से नौ लाख तक की आमदनी हो सकती है। जिलाधिकारी ने दोनों प्लांटों के संचालन के संबंध में लाभार्थियों एवं सहायक निदेशक, मत्स्य से उत्पादन से जुड़ी छोटी सी छोटी जानकारियों के साथ ही लाभार्थियों से मत्स्य उत्पादन से जुड़े अनुभवों को भी साझा किया।


