IAS पिता के निधन पर DM बेटी ने दी मुखाग्नि
(आनन्द कुमार)
बेटियां अब बेटों से कम नहीं हैं। खुशी हो या गम हर जगह कदमताल करके बेटियां समाज में बेटे और बेटियों में फर्क को मिटाने की कोशिश कर रही हैं। बाप को सहारा देना हो या बाप को कंधा बेटियां हर जगह तैयार हैं। वे समाज के वर्षों से पुरानी रूढ़िवादी परम्परा को तोड़ नये भारत के निर्माण में आगे बढ़ रही हैं। वह अब इस विषय पर जरा भी ध्यान नहीं दे रही हैं कि किसी गलत परंपरा को तोड़कर नए परंपरा का सृजन करने में समाज क्या कहेगा, क्या बोलेगा। उन्हें मतलब है बस कि समाज में क्या आवश्यकता है। समाज में क्या नया देना है। वे शिक्षा से लेकर नौकरी में ही आगे नहीं बढ़ना चाहती हैं। वे हर उस मंजिल पर चलना चाहती हैं जिसपर बेटे चलते हैं। एक ऐसे ही मिथक को तोड़ कर हापुड़ की जिलाधिकारी अदिति सिंह ने एक ऐसा मिसाल कायम किया है। जो है तो गमजदा माहौल में, लेकिन अपने पिता को कंधा देने के साथ-साथ पिता की अर्थी को मुखाग्नि देने का काम करके उन्होंने समाज के इस मिथक को तोड़ा है, बेटियां अर्थी को आग नहीं लगा सकती। भारत सरकार में सचिव के पद से सेवानिवृत्त आईएएस व हापुड़ डीएम अदिति सिंह के पिता धनन्जय प्रताप सिंह का निधन हो गया वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। निधन की सूचना सुनते ही श्री सिंह के परिजनों शुभचिंतकों एवं रिश्तेदारों में शोक का लहर छा गया। उधर हापुड़ में लोगों ने संवेदना व्यक्त कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। हापुड़ डीएम अदिति सिंह ने पिता के निधन के बाद ब्रजघाट गंगा तट पर नम आंखों से उनका अंतिम संस्कार किया। डीएम ने स्वयं ने भीगी आंखों से अपनी पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा जन प्रतिनिधि भी पहुंचे तथा शोक संवेदना व्यक्त की गई। ब्रजघाट गंगा तट पर उन्होंने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान सीडीओ उदय सिंह, एडीएम जयनाथ यादव, एएसपी सर्वेश मिश्रा, एसडीएम विजय वर्धन तोमर, सत्यप्रकाश, विशाल यादव, तहसीलदार सुरेन्द्र प्रताप यादव इओ संजीवन राम यादव, के अलावा अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।


