दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित दिव्यांग शादी-विवाह पुरस्कार योजना के पात्र आवेदन करें
मऊ। जनपद के समस्त दिव्यांगजनों को सूचित किया जाता है, कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित दिव्यांग शादी-विवाह पुरस्कार योजना के अन्तर्गत दिव्यांग दम्पत्ति को शादी करने पर दम्पत्ति में केवल पुरूष दिव्यांग होने पर रु 15,000/- एवं दम्पत्ति में केवल महिला दिव्यांग होने पर रू 20,000/- अथवा दम्पत्ति में युवक एवं युवती दोनों के दिव्यांग होने पर रू0 35,000/- प्रदान किया जाता है। इच्छुक/पात्रता रखने वाले दिव्यांगजन अपना आवेदन फार्म पूर्ण कर जन सेवा केन्द्र/लोकवाणी केन्द्रों के माध्यम से https://uphwd.gov.inवेबसाइट पर आॅनलाइन करते हुये समस्त संलग्नकों सहित आवेदन पत्र की हार्ड कापी अधोहस्तक्षरी कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिससे आपको दिव्यांग शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार का लाभ दिया जा सके। नियमावली में दी गयी शर्तों के अधीन किसी दंपत्ति को अनुदान देने के लिए पात्रता निम्नलिखित शर्तों पर निर्भर होगी, प्रतिशत या उससे अधिका (मुख्य चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक द्वारा प्रदत्त दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मान्य होगा, दंपत्ति जनपद का नागरिक हो, दंपत्ति उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी या कम से कम 05 वर्ष से उसे उसका अधिवासी हो, दंपत्ति में से कोई सदस्य किसी आपराधिक मामलें में दण्डित न किया गया हो, शादी के समय युवक की आयु 21 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो। युवती की उम्र 18 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष अधिक न हो, दंपत्ति का विवाह सामान्य युवक/युवती अथवा दिव्यांग से प्रचलित समाज की रीति-रिवाज के अनुसार हुआ हो या सक्षम न्यायालय द्वारा कानूनी विवाह किया गया हो, यह प्रोत्साहन पुरस्कार चालू वित्तीय वर्ष एवं विगत वित्तीय वर्ष में सम्पादित विवाह से संबंधित आवेदन पत्रों पर ही देय होगा, दंपत्ति में से कोई सदस्य आयकरदाता की श्रेणी में न हो, जिसके पास पूर्व से कोई जीवित पति या पत्नी न हो और उनके ऊपर महिला उत्पीड़न या अन्य आपराधिक वाद न चल रहा हो, अनुदान पात्र दम्पत्ति को संयुक्त रूप से देय होगा और केवल एक बार दिया जायेगा तथा विवाहित दम्पत्ति में से किसी सदस्यद्वारा तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन न्यायिक पृथक्करण/विवाह विच्छेदन या विवाह विघटन कर लेने पर दम्पत्ति अनुदान की सम्पूर्णधनराशि सरकार को प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी होंगे और वह भू-राजस्व की भाँति वसूल होगी, विवाह के दिनांक से प्रारम्भ होकर 05 वर्ष की समाप्ति के पूर्व किसी दम्पत्ति के वैवाहिक संबंध टूट जाते हैं, तो अनुदान की संपूर्ण धनराशि भू-राजस्व की भाँति वसूल होगी।

