रासेयो के शिविर में स्वयंसेवकों ने एक भारत श्रेष्ठ भारत विषय पर अपने विचार व्यक्त किए
मऊ। राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर के पाँचवें दिन डीसीएसके पीजी कालेज, मऊ छात्र-छात्रा स्वयंसेवकों ने एक भारत श्रेष्ठ भारत के नारे के साथ रचनात्मक एवं बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविरार्थियों ने आज एक रैली निकाली जो प्राथमिक विद्यालय, भुजौटी से चलकर आफिसर्स कालोनी में डीएम आवास तक गई। रैली के माध्यम से स्वयंसेवकों ने लोगों को जागरूक किया और एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए लोगों को प्रेरित किया। शिविरार्थियों ने डा. चन्द्र प्रकाश राय के नेतृत्व में रैली निकाली।
स्वयंसेवकों ने एक भारत श्रेष्ठ भारत विषय पर अपने विचार अभिव्यक्त किए…
शिविर में भोजनोपरांत बौद्धिक सत्र का प्रारंभ सरस्वती के चित्र पर अतिथियों द्वारा पुष्पार्चन से हुआ। शिल्पा गोंड़ ने सरस्वती वन्दना से हुआ। स्वागत गीत मोनिका मौर्य प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ओमप्रकाश मिश्र रहे। उन्होंने कहा कि भारत को एक रखने और श्रेष्ठ बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। सरदार पटेल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की समृद्धि एवं उसका सर्वांगीण विकास उसकी एकता पर ही निर्भर है। आज सरकार ने एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत एक राज्य के युवाओं को दूसरे राज्य में भेजकर वहाँ की संस्कृति को समझने और आत्मसात करने का अवसर दे रही है।
विशिष्ट अतिथि डा. शकील अहमद ने अपने वक्तव्य में बताया कि शिविरार्थियों को जीवन में सार्थक और सफल होने तथा समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने का प्रशिक्षण राष्ट्रीय सेवा योजना के इस शिविर में मिल रहा है।
अध्यक्षता करते हुए डा. मो. जियाउल्लाह ने बताया कि यह शिविर छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व के बहुमुखी विकास का अवसर देता है। समय का अनुशासन जीवन में महत्वपूर्ण होता है, यहाँ यह अनुशासन सिखाया जाता है।
अन्त में धन्यवाद डा. चन्द्र प्रकाश राय ने किया। आशीष एवं शीतल ने देश भक्ति का गीत प्रस्तुत किया। मिन्तु यादव, प्रीति यादव, पूनम सोनकर ने बौद्धिक सत्र में अपना कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
संचालन कुमारी अनिता ने किया। बौद्धिक सत्र में डा. शर्वेश पाण्डेय, सूर्यप्रकाश, सौरभ, सोनू, प्रीति, कविता, शीतल, गुड़िया, अंतिमा, पूनम, मोनिका, अमित, अजय, बिन्दू यादव, तनु मौर्य, निकिता, रामचन्द्र, आशीष, संजय, जयराम, पूजा, अंकिता आदि स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

