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नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर एक रुपये की पर्ची से पंजीकरण अनिवार्य नहीं : सीएमओ

० लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट के आउटरीच कैंप की मॉनिटरिंग पर रोक

०जिला महिला चिकित्सालय सभागार में नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की हुई समीक्षा

मऊ। राष्ट्रीय नगरी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा और कार्यशाला का आयोजन शनिवार को जिला महिला चिकित्सालय के सभागार में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ नंदकुमार ने की। बैठक में नगरीय क्षेत्र में  ज्यादा से ज्यादा पहुँच बढ़ाते हुए जनमानस को लाभ दिलाने के लिए नगरीय स्वास्थ्य केन्द्रों में सुधार के कई बड़े निर्णय लिये गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिले में पदभार ग्रहण करने के बाद नगरी स्वास्थ्य इकाईयों की यह पहली समीक्षा बैठक की है। उन्होंने कहा कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हर माह परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक अवश्य करें। साथ ही नियत अंतराल दिवस व खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन जरूर करें। उन्होंने 11 जुलाई से संचालित जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा की भी समीक्षा की और सभी को निर्देशित किया कि महिला और पुरुष नसबंदी पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। आशा कार्यकर्ताओं को इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आवश्यकता है।
सीएमओ ने कार्यशाला में सभी नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सालय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीज की एक रुपए की पर्ची काटना अनिवार्य नहीं है। चिकित्साधिकारी ज्यादा से ज्यादा मरीजों को देखें जिससे उन्हें सरकार द्वारा अलग से प्रोत्साहन राशि का लाभ मिले। साथ ही निर्देशित किया कि अब से नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों के लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट की आउटरीच कैंप की मॉनिटरिंग नहीं करेंगे। सीएमओ ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को आश्वत किया कि नगरीय स्वास्थ्य केन्द्रों पर सुबह नौ बजे से शाम पाँच बजे तक कभी भी पहुंच कर मेडिकल अफसर के साथ बैठकर मरीज देख सकता हूँ।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व शहरी क्षेत्र के नोडल अधिकारी डॉ भैरव पांडेय ने कार्यशाला में बताया कि नगरीय क्षेत्र में सभी पीएचसी पर अति शीघ्र प्रसव को शुरू कराकर उनकी संख्या की वृद्धि करते हुए लाभार्थी को पीपीआईयूसीडी लगवाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।
पीएसआई इंडिया टीसीआई प्रोग्राम के केवल सिंह सिसोदिया ने बताया कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा और निजी अस्पतालों में परिवार कल्याण कार्यक्रमों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
यूपीटीएसयू के जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ ने परिवार नियोजन लोजीस्टिक मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एफ़पी एलएमआईएस) के बारे में विस्तार से बताया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक रविंद्र नाथ, सहायक शोध अधिकारी सुनील सिंह एवं स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी यूसुफ शाह ने जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान चल रहे कार्यक्रमों की सार्थकता पर जानकारी दी।
इस दौरान डॉ. जावेद अख्तर, डॉ. अभिषेक राय, डॉ. मो. फैजान तरफदार, डॉ हरिश्चन्द्र जायसवाल, अर्बन कोऑर्डिनेटर देवेंद्र कुमार, बबलू कुमार के साथ फार्मासिस्ट मो. कबीर आलम, प्रमोद कुमार दुबे, प्रवीण कुमार स्टाफ़ नर्स सोनू रानी राय, अंकिता दूबे, माया यादव, अंकिता यादव, पुनीता राय, सुनीता उपाध्याय, प्रतिभा देवी एवं लैब टेक्नीशियन मौजूद रहे।

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