राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर पर्यावरण जागरूकता अभियान एवं शहीदो के सम्मान में पद यात्रा निकली
गाजीपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर सत्यदेव ग्रुप आफ कालेजेज के चेयरमैन डा. सानन्द सिंह के नेतृत्व मे उनके पैतृक गांव सागापाली से पर्यावरण जागरूकता अभियान एवं शहीदो के सम्मान मे शुक्रवार के दिन पद यात्रा निकाली गयी।यह पद यात्रा सबसे पहले गांव के अम्बेडकर पार्क मे पहुंच डा०भीमराव अम्बेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके पश्चात डा०राममनोहर लोहिया महाविद्यालय अध्यात्मपुर पहुचकर गांधी जी और अपने पिता कर्मवीर स्व०सत्यदेव सिंह के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करने बाद राष्ट्र गान हुआ। वहां से पद यात्रा अजीजपुर दिलशादपुर होते हुए बाराचवर चौराहे पर पंहुचकर सभा मे तब्दील हो गयी।यहां से पद यात्रा शहीद पार्क मुहम्मदाबाद के लिए चली बीच रास्ते मे परानपुर गांव के समीप भी पद यात्रा का स्वागत हुआ पद यात्रा रघुबरगंज शहीद शेषनाथ यादव के पेट्रोल पंम्प पर पहुची वहा भी शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया।यहां से पद यात्रा शहीद पार्क मुहम्मदाबाद पहुची। वहां पर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया तथा शहीद पार्क में पौधा रोपड़ किया गया। इस अवसर पर डा. सानन्द सिंह ने कहा कि अंधाधुंध वनों की कटाई व कल-कारखानों के प्रदूषण से पर्यावरण को खतरा उत्पन्न हो गया है। अगर समय रहते पर्यावरण को नही बचाया गया तो मानव समाज के लिए विनाशकारी संकट उत्पन्न हो जायेगा।जनपद में अनेक कालेज एवम स्वयंसेवी संस्थाएं है उन सभी से अपील है की वह आपस में तय कर लें की किस माह में किस संस्था या कालेज का नम्बर आयेगा और उसके हिसाब से शहीद पार्क मुहम्मदाबाद की हर समय सफाई. रंगाई एवम अन्य कार्य किये जाये।मुहम्मदाबाद शहीद भवन का एक शानदार इतिहास है।जालियांवाला बाग में भींड पर अंधाधुंध गोलियां चली थी तो यहां तीरंगे को फहराने में एक एक कर के आठ लोग अपने सीने पर गोली खाने के बावजूद पीठ नहीं दिखाए।और अंत में तीरंगे को फहराने में कामयाब रहे।आजादी के लिए जंग में अपने प्राणों की आहुति देकर यह अष्ट शहीद अमर हो गये।अफसोस आजादी के इतने साल बीत जाने के बावजूद जो स्वरूप शहीद स्मारक भवन का और शहीद पार्क मुहम्मदाबाद का होना चाहिए वैसा नहीं हुवा।उन्होने कहा कि जिन शहीदों के बलिदान पर आज हम आजाद भारत में रह रहे हैं उन शहीदों के प्रति सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है।सरकार शहीदों के परिवार को एक बार सहयोग देकर उन्हें भूल जाती है।आज भी देश के लिए शहीद होने वाले वीर सपूत के परिवार टोकरी में फल बेचते नजर आते है।इस यात्रा के माध्यम से शहीद के परिजनों से संवाद एवम संबंध स्थापित किया जायेगा। इस अवसर पर स्वामीनाथ सिंह. मुरली सिंह.बृजेश सिंह. राजू सिंह. मोनू यादव. फिरदौश खां. सोनू खां. बंगाली यादव.अकबर.धन्नू सिंह. नागा सिंह. ओमप्रकाश यादव. पारस यादव. अभय चौबे.संजू सिंह. मोन्टी सिंह. मंगला यादव. रविन्द्र यादव. शौकत अंसारी. युगलेश चौहान. आकाश पटेल. अमित सिंह झब्बू. हरेन्द्र यादव.विवेक सौरभ. अरूणेन्द्र पाण्डेय अवधेश सिंह. शिवकुमार मामा. दिग्विजय उपाध्याय.डा सुनील सिंह.डा धिरेन्द्र मिश्र. अमित रघुबंशी. प्रभाकर पाण्डेय. हिमांशु राय निदेशक डालिम्स सनबीम स्कूल गांधीनगर. अशोक सिंह पप्पू. प्रेमनाथ गुप्ता. धनंजय यादव.अजय यादव. सी पी राय. अख्तर अब्बास यजदानी.शिवदान तिवारी. ग्रामप्रधान शशिकांत शर्मा ऊर्फ भुअर. अनिल कुमार. गुरूचरण सिंह बग्गा. अरविन्द यादव समेत सैकडो लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक राजेश राय पिन्टू ने किया।@विकास राय

