शिक्षक नेता हत्याकांड में दो को फांसी व अन्य को उम्रकैद

● अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने सजा सुनाई
प्रतापगढ़। 09 वर्ष पूर्व घर में घुसकर प्राथमिक शिक्षक संघ, प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष रहे शोभनाथ मिश्र की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य अभियुक्त शिक्षक राजेश सिंह और शूटर नौशाद को मृत्युदंड जबकि पांच अन्य अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मुकदमे में फैसले का परिवार के लोगों और शिक्षकों को लंबे समय से इंतजार था।
बताते चले कि प्राथमिक शिक्षक संघ प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष रहे शोभनाथ की 14 जुलाई 2012 की रात करीब नौ बजे शहर के अजीत नगर स्थित घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्नी विद्या देवी ने तहरीर दिया था कि शिवराजपुर प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षक राजेश सिंह उनकी बेटी से जबरन शादी करना चाहता था। जो उनके परिवार को स्वीकार्य नहीं, शादी का वे विरोध करते थे। जिसके वजह से शिक्षक राजेश परिवार से रंजिश रखता था। इसी बात को लेकर शिक्षक राजेश अवैध असलहों के साथ बदमाशों को लेकर आया व बात-बात में कहासुनी होने पर उनके पति शोभनाथ 55 वर्ष को के गले में तमंचा सटाकर गोली मार दी। इससे उनकी मौत हो गई।
इस मामले में पत्नी की तहरीर पर अंतू थाना क्षेत्र के सेतापुर के शिक्षक राजेश सिंह पुत्र राधेश्याम, कोतवाली नगर के बिहारगंज भोजपुर निवासी प्रदीप सिंह, शहर के पड़ाव वार्ड भैरोपुर के अशोक मिश्र व एक अज्ञात के खिलाफ नगर कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई। बाद में पुलिस की विवेचना में शूटर नौसाद उर्फ डीएम पुत्र शमशेर अली निवासी कलाभदारी थाना लालगंज व संगियापुर के अनुज दुबे, कोतवाली नगर के बिहारगंज के प्रमोद उर्फ लोटा तिवारी, बरियासमुद्र के अरुण सिंह का नाम प्रकाश में आया। राजेश और नौशाद जेल में थे और अन्य अभियुक्त जमानत पर थे।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सभी अभियुक्त मौजूद थे। फैसले के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। इस मुकदमे में राज्य की ओर से पैरवी करते हुए डीजीसी योगेश शर्मा, एडीजीसी अनिल मिश्र व वादिनी के अधिवक्ता अश्वनी कुमार पांडेय ने अपना पक्ष रखा। जज द्वारा सुनाए गए फैसले में राजेश सिंह व शूटर नौशाद उर्फ डीएम को मृत्युदंड की सजा दी गई। दोनों को क्रमश: दो लाख 80 हजार व दो लाख 70 हजार का जुर्माना भी लगाया है। अन्य अभियुक्तों प्रमोद उर्फ लोटा, अरुण व अनुज प्रत्येक को दो लाख 80 हजार तथा अशोक व प्रदीप को दो लाख 70 हजार का अर्थदंड भी सुनाया। यह कुल राशि 19 लाख 30 हजार रुपये शोभनाथ के उत्तराधिकारी को देने का आदेश दिया।

